गज़ा में पिछले एक सप्ताह से जारी हिंसक संघर्ष के बीच इसराइल और फलस्तीन संघर्ष विराम पर सहमत हो गए है। ये संघर्ष विराम लागू भी हो गया है।
अधिकारियों का कहना है कि समझौते के तहत इसराइल और हमास दोनों ही एक दूसरे को निशाना बना कर हमले करना बंद कर देंगे।
हफ्ते भर पहले शुरु हुए इस हिंसक संघर्ष में इसराइल और हमास के कम से कम 157 लोग मारे जा चुके हैं।
मिस्र की राजधानी काहिरा में मिस्र के विदेश मंत्री ने अमरीकी समकक्ष हिलेरी क्लिंटन के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में संघर्ष विराम की घोषणा की।
हिलेरी क्लिंटन ने कहा कि संघर्ष विराम को कायम रखने के लिए गज़ा से रॉकेट हमले रुकने चाहिए और सीमा शांत होनी जरुरी है।
घोषणा के बाद इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा, ''हमने सैन्य ताकत का इस्तेमाल किया। कुछ लोगों का मानना है कि हमें इस मौके का व्यावहारिक फायदा उठाना चाहिए था लेकिन हमें लगा कि इस वक्त युद्ध विराम ही सही फैसला है। हमें अपनी सुरक्षा का ख्याल है।''
मिस्र की मध्यस्थता
अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने समझौता स्वीकार करने के लिए इसराइल की सराहना की है, ओबामा ने शांति प्रयासों के लिए मिस्र के राष्ट्रपति मोहम्मद मोरसी की भी तारीफ की है।
इस बीच, हमास के उपविदेश मंत्री ग़ाज़ी हमाद का कहना है, "हमें भी इसराइली सरकार की ओर से ये आश्वासन चाहिए कि हमारे नागरिकों पर हमला नहीं किया जाएगा। हमलों में गज़ा के लोग ज्यादा मारे गए हैं।ज़ाहिर है हमें खुद को बचाने का अधिकार है। सबसे बड़ी चुनौती है भविष्य में ऐसी स्थिती को फिर न पैदा होने देना। देखना है कि ये कैसे मुमकिन होगा।"
बीबीसी मध्य पूर्व संपादक जर्मी बोन का कहना है कि समझौते का ब्यौरा अभी सामने नहीं आ सका है।
लेकिन इससे पहले, इसराइल की मांग थी कि गज़ा से रॉकेट फायर न किया जाए और हमास को फिर से हथियार जुटाने से रोकने के लिए अंतर्राष्ट्रीय प्रयास किए जाएं। उधर हमास की मांग है कि इसराइल गज़ा पर हमले न करे।
इससे पहले, मिस्री और फिलिस्तीनी अधिकारियों ने कहा था कि काहिरा में बातचीत के बाद जल्द ही संघर्ष विराम की घोषणा कर दी जाएगी। लेकिन इसराइल के प्रवक्ता का कहना था कि अभी तक कोई समझौता नहीं हुआ।
संघर्ष विराम पर सहमत होने की घोषणा ऐसे समय में की गई है जब इसराइल के शहर तेल अवीव में एक बस पर बम हमला हुआ हैं और गज़ा पर इजरायल के हमले में तेरह लोग मारे गए।
"कुछ लोगों का मानना है कि हमें इस मौके का व्यावहारिक फायदा उठाना चाहिए था लेकिन हमें लगा कि इस वक्त युद्ध विराम ही सही फैसला है। हमें अपनी सुरक्षा का ख्याल है।"
बेंजामिन नेतन्याहू,इसराइली प्रधानमंत्री