कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन त्रूदो के लिए मुंबई में आयोजित डिनर पार्टी में खालिस्तानी आतंकी जसपाल अटवाल के शामिल होने पर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा।
इस बीच कनाडा में विपक्ष और सीनियर अधिकारियों ने कहा है कि भारत ने अटवाल का वीजा सिर्फ इसलिए अप्रूव किया जिससे त्रूदो के भारत दौरे को नाकाम किया जा सके।
इन आरोपों पर त्रूदो ने भी समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि 'सीनियर अधिकारियों और नेताओं के इस बयान में कुछ सच हो सकता है कि मेरी यात्रा को नाकाम करने के लिए भारतीय सुरक्षा एजेंसियों द्वारा जानबूझकर रुकावटें डाली गईं।'
त्रूदो ने इससे पहले भारत दौरे के दौरान डिनर पार्टी में अटवाल को दिए गए निमंत्रण को बड़ी भूल माना था, लेकिन कनाडा वापस पहुंचते ही उनके तेवर बदल गए हैं।
इशारों में त्रूदो को पीएम मोदी ने दिया था कड़ा संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इशारों में जस्टिन त्रूदो को खालिस्तान के मुद्दे पर कड़ा संदेश देने की कोशिश की थी। पीएम ने कहा था कि 'भारत की संप्रभुता और एकता को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।'
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा 'उनके लिए कोई जगह नहीं है जो धर्म के आधार पर बंटवारा करने की फिराक में रहते हैं। हमारी संप्रभुता और एकता को नुकसान पहुंचाने वालों को हम बर्दाशत नहीं करेंगे।'
वहीं विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि 'अटवाल को वीजा कैसे मिला फिलहाल यह जांच का विषय है, हालांकि कनाडा ने उसको दिया आमंत्रण कैंसल कर दिया है। कनाडा के उच्चायोग से इस संबंध में जानकारी मांगी जाएगी।'
मालूम हो कि भारत की ओर से आपत्ति जताने के बाद
पीएम त्रूदो ने अटवाल को दिए गए निमंत्रण को बड़ी भूल माना था।