बांग्लादेश में धर्मनिरपेक्ष सामाजिक कार्यकर्ताओं और अल्पसंख्यकों के खिलाफ जारी कत्लेआम में शनिवार को एक बौद्ध भिक्षु को भी अपनी जान गंवानी पड़ी। देश में कट्टरपंथियों के हाथों उदारवादियों की हत्याओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। पर्वतीय बंदरबन जिले के नायकखांगचारी इलाके में स्थित बौद्ध मठ के प्रमुख मावंग शोई वू (70) की हत्या कर दी गई।
एक बौद्ध भिक्षु शनिवार को जब मवांग को नाश्ता देने गया तो वह मृत मिले। पुलिस के मुताबिक शुक्रवार की रात में ही हमलावरों ने गला रेतकर भिक्षु की हत्या कर दी। फिलहाल भिक्षु की हत्या की जिम्मेदारी किसी संगठन ने नहीं ली है। अभी हफ्तेभर पहले ही राजशाही जिले में एक मुस्लिम सूफी धर्मगुरु की गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। राजशाही जिले में हाल ही में आईएस के आतंकियों ने एक उदारवादी प्रोफेसर की उनके घर के पास ही गला रेतकर हत्या कर दी थी।
इसी तरह बांग्लादेश की पहली समलैंगिक पत्रिका के संपादक और उसके दोस्त की ढाका स्थित एक फ्लैट में हत्या कर दी गई थी। इसी तरह गत 30 अप्रैल को आईएस के आतंकियों ने एक हिंदू दर्जी की बांके से काटकर हत्या कर दी थी। धर्मनिरपेक्ष सामाजिक कार्यकर्ताओं और अल्पसंख्यकों की हत्या रोकने में सरकार अब तक नाकाम रही है।