ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन देंगे इस्तीफा
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जनमत संग्रह के नतीजों के बाद ब्रिटिश प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने कहा है कि वो अगले तीन महीने में अपना पद छोड़ देंगे। यूरोपीय संघ में न रहने के पक्ष में 52 प्रतिशत मतदाताओं ने मुहर लगाई है। कांटे के इस मुकाबले में वो लोग थोड़ा पीछे रह गए जो ब्रिटेन के यूरोपीय संघ के साथ रहने के पक्ष में थे।
48 प्रतिशत मतदाताओं ने यूरोपीय संघ के पक्ष में वोट दिया है। प्रधानमंत्री कैमरन भी ब्रिटेन के यूरोपीय संघ में रहने के पक्ष में थे। नतीजों से ये साफ हो गया है कि पूर्वोत्तर इंग्लैंड, वेल्स और मिडलैंड्स में अधिकतर मतदाताओं ने यूरोपीय संघ से अलग होना पसंद किया है जबकि लंदन, स्कॉटलैंड और नॉर्दन आयरलैंड के ज्यादातर मतदाता यूरोपीय संघ के साथ ही रहना चाहते थे।
नतीजों के बाद पाउंड लड़खड़ा गया है। नतीजों का रुझान यूरोपीय यूनियन से अलग होने के पक्ष में दिखने लगा तो पाउंड 1.41 डॉलर पर आ गया। कारोबारियों का कहना है कि वर्ष 2008 के आर्थिक संकट के बाद ये पहला मौका है जब उन्होंने पाउंड को इस तरह बदलते देखा है।
वहीं ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से बाहर होने का भारतीय व्यापार पर सीधा असर पड़ेगा। भारत के वित्त सचिव अशोक लवासा ने इस घटनाक्रम पर कहा है कि सरकार और रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया उपायों के साथ तैयार हैं।