उन्होंने कहा कि हम इस प्रदर्शन के बहाने दुनिया को संदेश देना चाहते हैं कि इस तरह की क्रूरता और गतिविधियों को अब स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने पीओके में पाक गतिविधियों की निंदा करते हुए संघर्ष जारी रखने की अपील की।
प्रदर्शनकारियों ने विरोध प्रदर्शन के दौरान ‘क्या आजाद कश्मीर सच में आजाद है’ और ‘पीओके में बुनियादी मानवाधिकारों व सामाजिक अधिकारों की पुनर्स्थापना’ जैसे बैनर लहराए। जम्मू कश्मीर राष्ट्रीय अवामी पार्टी के सचिव रिजवान सिद्दीकी ने कहा, ‘हम मानते हैं, अगर 22 अक्टूबर को पाकिस्तान द्वारा यह साहस नहीं किया गया होता, तो हमारा राज्य स्वतंत्र होता।’