इसराइल में प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू की अगुवाई वाले दक्षिणपंथी गठबंधन ने संसदीय चुनावों में जीत हासिल कर ली है, लेकिन उसका बहुमत घट गया है।
चुनाव के बाद हुए सर्वेक्षणों के मुताबिक नेतन्याहू के लिकुड-बेतेन्यू गठबंधन को संसद में 31 सीटें मिलेंगी जबकि निवर्तमान संसद में उसके पास 42 सीटें थीं।
आश्चर्यजनक रुप से येश अतिद (यही भविष्य है) नाम की मध्यमार्गी पार्टी को 18-19 सीटें मिलने की संभावना है जबकि लेबर के 17 सीटें पर कब्जा करने का अनुमान है।
चुनाव विश्लेषकों का मानना है कि नए मंत्रिमंडल के गठन में जमकर राजनीतिक खरीद फरोख्त हो सकती है। उनका कहना है कि नेतन्याहू का गठबंधन विपक्ष में भी बैठ सकता है।
चुनाव के सारे परिणाम बुधवार तक आने की संभावना है और आधिकारिक तौर पर इसकी घोषणा 30 जनवरी को की जाएगी।
व्यापक गठबंधन
मतदान खत्म होने के बाद प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने अपने फेसबुक पन्ने पर लिखा कि चुनाव नतीजों से साफ है कि इसराइली लोग चाहते हैं कि मैं प्रधानमंत्री पद पर बना रहूं और जितना संभव हो एक व्यापक गठबंधन बनाऊं।
इसराइली संसद क्नेसेट की 120 सीटों के लिए कुल 32 पार्टियां चुनाव मैदान में थी। इसराइल में आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के तहत चुनाव होते हैं। किसी भी पार्टी को संसद में जगह पाने के लिए कम से कम 2 प्रतिशत वोट जरूर हासिल करने होते हैं।