अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरियाई शासक किम जोंग उन
मंगलवार को आई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शीर्ष उत्तर कोरियाई अधिकारी जनरल किम योन्ग चोल पेइचिंग एयरपोर्ट से न्यूयॉर्क के लिए रवाना हो गए हैं। सालों बाद ऐसा होगा कि कोई शीर्ष उत्तर कोरियाई अधिकारी अमेरिका के लिए रवाना हो रहा है। इससे ठीक एक दिन पहले चोल ने चीनी अधिकारियों से मुलाकात की थी। बता दें यह दौरा दोनों देशों के नेताओं के बीच होने वाली बैठक की तैयारियों का ही एक हिस्सा है।
इससे पहले रविवार को फिलिपिंस में अमेरिका के मौजूदा राजदूत संग किम के नेतृत्व में वाशिंगटन की टीम ने अपने उत्तर कोरियाई समकक्षों से मुलाकात की थी। साथ ही अमेरिकी विदेश विभाग का कहना है कि वाइट हाउस के अधिकारियों की एक टीम को सिंगापुर के लिए रवाना किया गया है ताकि वह वहां जाकर बैठक से जुड़ी तैयारियों की जांच कर सकें।
चोल की इस यात्रा पर कोरिया इंस्टीट्यूट ऑफ नैशनल यूनिफिकेशन के विशेषज्ञ का कहना है कि करीब 18 साल बाद चोल अमेरिकी धरती पर कदम रखने वाले उत्तर कोरिया के पहले टॉप अधिकारी होंगे। इससे पहले साल 2000 में वाइस मार्सल जो म्यॉन्ग रोक ने अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन से मुलाकात की थी।
बता दें चोल लंबे समय से उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग उन का दाहिना हाथ माने जाते हैं। वहीं कोरियाई प्रायद्वीप में परमाणु निरस्त्रीकरण को लेकर चली कई दौर की कूटनीतिक वार्ताओं में भी चोल ने मुख्य भूमिका निभाई है। गौरतलब है कि 12 जून को अमेरिकी राष्ट्रपति
डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरियाई शासक किम जोंग उन के बीच ऐतिहासिक वार्ता होने वाली है।
इससे पहले जब दक्षिण कोरिया में विंटर ओलिंपिक का समापन हो रहा तब भी चोल ट्रंप की बेटी इवांका ट्रंप के साथ ही बैठे थे। इसके अलावा किम की दोनों बार हुई चीनी यात्रा में भी चोल उनके साथ थे। साथ ही जब अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो प्योंगयांग आए थे तो भी चोल ने ही उनके साथ बातचीत की थी।