बीबीसी के साथ जुड़े एक ब्रिटिश पत्रकार को थाईलैंड में रिपोर्टिंग के सिलसिले में वहां की एक जेल में पांच साल की कैद काटनी होगी। एक प्रसिद्ध पर्यटक द्वीप पर धोखाधड़ी की जांच को लेकर उसके खिलाफ एक वकील ने आपराधिक मानहानि का मामला दर्ज कराया था।
मानवाधिकार समूहों का कहना है यह मामला इसका ताजा उदाहरण है कि कैसे थाईलैंड के व्यापक मानहानि और कंप्यूटर अपराध कानूनों ने खोजी पत्रकारिता को बंद कर दिया है। इस वजह से देश में गलत चीजों को बेनकाब करना काफी मुश्किल हो गया है, जबकि यहां भ्रष्टाचार बड़े पैमाने पर व्याप्त है।
बीबीसी के दक्षिण पूर्व एशिया के संवाददाता जोनाथन हेड द्वारा सितंबर 2015 में की गई रिपोर्टिंग को लेकर यह मामला चल रहा था। उनकी रिपोर्टिंग में यह दिखाया गया था कि कैसे फुकेट में दो विदेशी लोगों को उनकी संपत्ति से बेदखल कर दिया गया था।