बांग्लादेश के प्रमुख हिंदू नेता तथा सत्ताधारी अवामी लीग के वरिष्ठ सांसद सुरनजीत सेनगुप्ता का लंबी बीमारी के बाद रविवार को निधन हो गया। वह 72 साल के थे। उन्होंने एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली। बांग्लादेश का संविधान तैयार करने में उनकी महत्वपूर्ण योगदान था।
अस्पताल के प्रवक्ता ने संवाददाताओं को बताया, वह लंबे समय से कैंसर से पीड़ित थे। इसकी वजह से उनका तंत्रिका तंत्र अक्षम हो गया और फेफड़े ने काम करना बंद कर दिया। उन्होंने सुबह 4:29 बजे अंतिम सांस ली।
सेनगुप्ता ने बांग्लादेश की आजादी के बाद पहले संविधान को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। पूर्व में रेल मंत्री भी रह चुके सेनगुप्ता अवामी लीग सलाहकार परिषद के सदस्य थे तथा कानून, न्याय और संसदीय मामलों के मंत्रालय की स्थाई संसदीय समिति के अध्यक्ष थे। बांग्लादेश के राष्ट्रपति अब्दुल हमीद और प्रधानमंत्री शेख हसीना ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया।
राष्ट्रपति हमीद ने कहा, सुरनजीत दासगुप्ता ने केवल एक राजनेता थे बल्कि वरिष्ठ सांसद भी थे। उन्होंने देश क ा पहला संविधान तैयार करने में अहम भूमिका अदा की थी। लोग उन्हें देश की संसदीय राजनीति में शानदार योगदान के लिए याद रखेंगे। उनका निधन देश की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति है। प्रधानमंत्री हसीना ने कहा, देश ने जहां एक समर्पित राजनेता खोया है वहीं अवामी लीग ने एक समर्पित नेता खोया है। ढाका स्थित भारतीय उच्चायोग ने भी बयान जारी कर उनके निधन को बांग्लादेश के लिए अपूरणीय क्षति बताया।