बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने देश में अब तक के सबसे भीषण आतंकी हमले में जान गंवाने वाले एक भारतीय लड़की समेत 20 लोगों को यहां एक शोक सभा में समूचे देश की तरफ से श्रद्धांजलि अर्पित की।
राजनयिकों, राजनीतिज्ञों और समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने बारिश की फुहारों के बावजूद बड़ी संख्या में एकत्रित होकर ढाका छावनी में ढाका आर्मी स्टेडियम में एक सभा के दौरान मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
शोकसभा में एक मंच पर ताबूत रखे गए थे, जिनपर भारत, इटली, बांग्लादेश, जापान और अमेरिका के झंडे लपेटे गए थे। यह झंडे हमले में मारे गए लोगों के संबद्ध देशों के थे। हसीना ने मृतकों के ताबूत पर पुष्प चक्र चढ़ाए।
उधर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी बांग्लादेश में हुए आतंकी हमलों की निंदा की। ममता ने कहा कि आतंकियों का कोई धर्म नहीं होता है और हम सभी को आतंक से एकजुट होकर लड़ना चाहिए।
ढाका आतंकी हमले से जुड़े दो लोग गिरफ्तार
राजधानी के कैफे पर किए गए देश के इतिहास के सबसे भयावह आतंकी हमले के सिलसिले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों ने बंधक बनाने वाले लोगों के अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की जांच शुरू कर दी है।
इस हमले में आईएसआईएस के संदिग्ध आतंकियों ने 22 लोगों की निर्मम तरीके से हत्या कर दी थी और मारे गए लोगों में से अधिकतर विदेशी थे। पुलिस महानिरीक्षक एकेएम शहीदउल हक ने हिरासत में लिए गए लोगों की पहचान उजागर नहीं की और न ही यह बताया कि उन्हें कहां रखा गया है।
हक ने कहा कि दोनों लोग शारीरिक रूप से अभी ठीक नहीं हैं और उनकी हालत में सुधार आने पर उनसे पूछताछ की जाएगी। उन्होंने कहा कि उनमें से एक व्यक्ति अस्पताल में और दूसरा हिरासत में है। इससे पहले, प्रधानमंत्री शेख हसीना और बांग्लादेशी सेना ने कहा था कि एक आतंकी को हमले वाली जगह से जिंदा पकड़ा गया है। हालांकि संदिग्ध व्यक्ति की पहचान का खुलासा नहीं किया गया था।