ब्रिसबेन की एक अदालत ने भारत की प्रमुख खनन कंपनी अडानी समूह की कोयला खनन परियोजना के खिलाफ पर्यावरणविदों और स्थानीय भू-मालिकों की तरफ से दायर याचिकाओं को खारिज कर दिया है।
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ब्रिसबेन में संघीय अदालत की पूर्ण पीठ ने ऑस्ट्रेलियन कंजर्वेशन फाउंडेशन (एसीएफ) और मध्य क्वींसलैंड के एक स्थानीय भूस्वामी एड्रियन बुरागुब्बा द्वारा इस परियोजना को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया है।
अदालत ने एसीएफ द्वारा संघीय अदालत के पुराने फैसले के खिलाफ दायर की गई याचिका को खारिज कर दिया। पिछले फैसले में अदालत ने पर्यावरण सुरक्षा और जैव विविधता कानून के तहत संघीय पर्यावरण मंत्री द्वारा दी गई अनुमति को बरकरार रखा था।
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इसके अलावा बुरागुब्बा ने खनन परियोजना को चालू करने के लिए नेटिव टाइटल ट्रिब्यूनल के निर्णय की न्यायिक समीक्षा के लिए याचिका दायर की थी। अडान समूह ने एक बयान में कहा कि फैसले ने कारमाइकल कोयला संसाधन को विकसित करने के उसके कानूनी अधिकार को फिर से मजबूती प्रदान की है।