भारत, ब्रिटेन समेत कई देशों में
ऑस्ट्रेलियाई फ्लू फैल रहा है। पिछले साल सितंबर में ऑस्ट्रेलिया में इस फ्लू की शुरुआत हुई। 93 हजार लोग एक महीने में बीमार पड़ गए। अब यह वायरस एशिया, मध्य पूर्व में बढ़ रहा है। ब्रिटेन में एक हजार लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं।
अमेरिका, फ्रांस और फिलीपींस में भी हजारों मरीज इससे पीड़ित हैं।
ऑनलाइन टूल फ्लू सर्वे के मुताबिक एच3एन2 फ्लू वायरस का नया म्यूटन है। यह बच्चों और बुजुर्गों को ज्यादा चपेट में लेता है। हालांकि मैप में भारत को इस वायरस से कम प्रभावित इलाकों में दिखाया गया है। वहीं भारत सरकार की ओर से इस वायरस को लेकर कोई जानकारी या चेतावनी नहीं दी गई है।
पढ़ें- डेंगू से राहत नहीं, स्वाइन फ्लू के रोकथाम की तैयारियों का दावा
दूसरे वायरस से अलग नहीं
एच3एन2 भी फ्लू के दूसरे वायरस से अलग नहीं है। पिछली साल सर्दियों में भी यह वायरस फैला था। एक हफ्ते में सामान्य दवाओं जैसे पैरासिटामॉल और आराम से मरीज सेहतमंद हो जाते हैं। इसका खतरा उन लोगों पर ज्यादा होता है, जो पहले से बीमार हों। या बेहद बुजुर्ग या बच्चे हों।
लक्षण
बुखार, दर्द, थकान, गले में सूजन, सिरदर्द, भूख में कमी, पेट में दर्द, डायरिया, छींक और नाक बहना