अफगानिस्तान में सोमवार को हुए लगातार बम हमलों में नेपाली सुरक्षागार्डों से भरी हुई बस सहित लगभग 23 लोगों की मौत हो गई। यह घटना अमेरिका द्वारा आतंकवादियों को दबाने के लिए अमेरिकी सेना को बढ़ाने के बाद हुई है।
पहले हुए हमले की जिम्मेदारी तालिबान ने ली जिसमें काबुल के कनाडाई दूतावास में काम करने वाले 14 नेपाली सुरक्षा गार्ड मारे गए। इस भयंकर हमले ने उनके छोटे पीले बस को खून से लाल कर दिया। दक्षिणी काबुल में हुए दूसरे छोटे हमले में एक स्थानीय नेता को निशाना बनाया गया। इस हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई और नेता सहित पांच अन्य लोग घायल हो गये। काबुल में हुए ये हमले पूर्वोत्तर के दूरदराज के क्षेत्र बदख्शन के हमले के कुछ घंटे बाद ही हुए। बदख्शन में हुए हमले में आठ लोग मारे गए और लगभग 18 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। मारे गए लोगों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
इन भयंकर हमलों की शुरुआत वाशिंगटन द्वारा तालिबान के खिलाफ अमेरिकी सेना बढ़ाने के फैसले लेने बाद हुई है। यह अफगान सेना के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि उनके पास सीमित हवाई संसाधन हैं। अमेरिकी ड्रोन द्वारा पाकिस्तान में मुल्ला अख्तर मंसूर के मारे जाने के बाद इन आतंकियों ने हैबतुल्ला को अपना नया सरगना चुना है।
नेपाल ने तालिबानी आत्मघाती हमले की निंदा की
नेपाल ने काबुल में नेपाली सुरक्षा गार्डों पर हुए तालिबानी आत्मघाती हमले की कड़ी निंदा की। इस आत्मघाती हमले में 14 नेपाली गार्डों की मौत हो गई। नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने इसे नेपाल के लोगों पर हमला बताया और उनकी मौत पर गहरी संवेदना व्यक्त की। इस हमले में पांच अन्य घायल हो गये। उपप्रधानमंत्री और विदेश मामलों के मंत्री कमल थापा ने इसे निर्दोष लोगों के प्रति क्रूरतम अपराध बताया। सदन में मुख्य विपक्षी नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष शेर बहादुर ने भी घटना पर आश्चर्य जताया और गहरा दुख प्रकट किया।
मोदी ने हमले की निंदा की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काबुल में नेपाली सुरक्षा गार्डों के मिनीबस पर हुए आतंकी हमले की निंदा की। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत नेपाल के इस दुख की घड़ी में हर संभव मदद उपलब्ध कराएगा। प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया कि हम काबुल में हुए भयानक घटना की कड़ी निंदा करते हैं। निर्दोष लोगों के मारे जाने पर हमारी अफगानिस्तान और नेपाल की सरकार और लोगों के साथ गहरी संवेदना है। हम इस दुख की घड़ी में नेपाल सरकार को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के लिए सभी जरुरी कदम उठा रहे हैं। काबुल में हुए तालिबानी आत्मघाती हमले में मिनीबस में सवार 14 नेपाली गार्डों की मौत हो गई थी।
Published By Rahul Sankrityayan