अमेरिका के एक वरिष्ठ कारोबारी अधिकारी ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार लंबे समय से अटके जीएसटी और भूमि अधिग्रहण विधेयकों जैसे सुधारों को उतनी तेजी से लागू नहीं कर पाई जितनी की उम्मीद की जा रही थी।
उन्होंने अमेरिकी कारोबारियों से तब तक धैर्य रखने को कहा जब तक कि इन सुधारों को अमली जामा नहीं पहनाया जाता। उन्होंने यह भी कहा कि ये सुधार रातो-रात नहीं किए जा सकते हैं।
अमेरिका के वाणिज्य, अंतरराष्ट्रीय कारोबार प्रशासन विभाग में वैश्विक बाजार के सहायक सचिव अरुण कुमार ने कहा, ‘अस्थाई नियामकीय माहौल, प्रणालीगत बुनियादी ढांचा संबंधी बाधाएं, पारदर्शिता का अभाव और कॉरपोरेट गवर्नेंस के कानूनों की अनिश्चितता के कारण भारत में कारोबार में अमेरिकियों को अब भी दिक्कतें हैं।’
उन्होंने कहा कि भारत सरकार के साथ इन मसलों पर लगातार बातचीत चल रही है। भारत के साथ अमेरिका का व्यापार और निवेश ज्यादातर इस बात पर भी निर्भर करेगा कि भारत सरकार अपने घरेलू कारोबारी माहौल को मजबूत करने के क्या प्रयास करती है।