एक पूर्व रोमानियाई राजकुमारी को अमरीका की अदालत में मुर्गा लड़ाने का कारोबार चलाने के अभियोग में पेश होना पड़ा है।
अभियोजकों का कहना है कि 60 वर्षीय इरिना वॉकर और उनके पति ने 2012 और 2013 के बीच अमरीका के ओरेगॉन में मुर्गों की लड़ाई के 10 कार्यक्रम आयोजित करवाए थे।
संघीय अभियोग के मुताबिक कार्यक्रम के दौरान मुर्गों के पैर में ब्लेड लगाकर उन्हें लड़वाया गया और दर्शकों को खाने-पीने की चीजें भी बेची गईं।
इरिना वॉकर रोमानिया के आखिरी राजा किंग माइकल प्रथम की तीसरी संतान हैं जिन्हें 1947 में राजगद्दी छोड़नी पड़ी थी। उन पर और उनके पति जॉन वेस्ली वॉकर पर गैर कानूनी तरीके से जुए का कारोबार चलाने और संघीय पशु कल्याण अधिनियम के उल्लंघन का षड्यंत्र करने का अभियोग लगा है।
अवैध तरीके से कथित मुर्गे की लड़ाई का कारोबार चलाने के आरोप में वॉकर दंपति समेत 18 अन्य लोगों पर अभियोग लगाया गया है।
'दुर्भाग्यपूर्ण घटना'
इरिना वॉकर के पिता 91 वर्षीय किंग माइकल को दिसंबर 1947 में कम्युनिस्टों के दबाव में गद्दी छोड़नी पड़ी थी और फिर उन्हें निर्वासित कर दिया गया था।
रोमानियाई राजपरिवार के ये सदस्य रानी विक्टोरिया के दूर के वंशज हैं जो स्विट्जरलैंड और ब्रिटेन में रहते हैं और मुर्गों के फार्म के साथ-साथ लकड़ी से बनी चीजों का कारोबार चलाते हैं।
इरिना वॉकर अपने पति (बाएं) और बहन के साथ बुखारेस्त में एक प्रदर्शनी के उद्घाटन समारोह में 2011 में। राज परिवार की आधिकारिक वेबसाइट पर छपे बयान में लिखा गया है कि भूतपूर्व किंग अपनी बेटी पर लगे अभियोगों से बेहद दुखी हैं।
बयान के मुताबिक, “राजपरिवार और राजा को उम्मीद है कि अमरीकी न्याय व्यवस्था और ओरेगॉन की अदालत जल्द से जल्द और पूरी पारदर्शिता से इस मामले का निपटारा करेगी।”
वॉकर दंपति पर लगे आरोपों के सिद्ध होने पर अधिकतम पांच साल की सजा और दो लाख 50 हजार डॉलर के जुर्माने का प्रावधान है।
स्थानीय मीडिया के मुताबिक वॉकर दंपति को ओरेगॉन के पूर्व में स्थित इरिगॉन शहर के नज़दीक अपना पशु फार्म गंवाना पड़ सकता है।
ओरेगॉन जिले में तैनात अमरीकी अटॉर्नी अमंडा मार्शल ने कहा, “मुर्गों की लड़ाई न केवल एक बर्बर कृत्य है बल्कि इससे जन स्वास्थ्य और सुरक्षा को भी खतरा पैदा होता है और दूसरे अपराधों को भी बल मिलता है।”