अली अहमद जलाली का जन्म काबुल में हुआ था, लेकिन उनकी पढ़ाई अमेरिका में हुई। 2003 में जलाली की अफगानिस्तान में वापसी हुई और उस समय बदल रही सरकार में उन्हें आंतरिक मंत्री बनाया गया।
देश के पूर्व आंतरिक मंत्री अली अहमद जलाली अफगानिस्तान में अंतरिम सरकार का नेतृत्व कर सकते हैं। रिपोर्टों में कहा जा रहा है कि रविवार को तालिबान के राजधानी काबुल में घुसते ही सरकार ने शांतिपूर्ण सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू कर दी। राजनयिक सूत्रों का हवाला देते हुए रॉयटर्स ने कहा कि अली अहमद जलाली को नई सरकार के अंतरिम मुखिया के रूप में चुना जा सकता है। उनकी पढ़ाई-लिखाई अमेरिका में हुई है और वे अफगान सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। जलाली जर्मनी में पूर्व अफगान राजदूत के रूप में भी काम कर चुके हैं।
विज्ञापन
अली अहमद जलाली का जन्म काबुल में हुआ था, लेकिन वह 1987 से ही अमेरिकी नागरिक थे और मैरीलैंड में रहते थे। 2003 में जलाली की अफगानिस्तान में वापसी हुई और उस समय बदल रही सरकार में उन्हें आंतरिक मंत्री बनाया गया। 2004 में उन्हें फिर से आंतरिक मंत्री के पद पर बैठा दिया गया और सितंबर 2005 तक इस पद पर बने रहे। जलाली सेना में एक पूर्व कर्नल भी रह चुके हैं और सोवियत के हमले के दौरान पेशावर में अफगान रेजिस्टेंस हेडक्वार्टर में एक शीर्ष सलाहकार थे।
जलाली के अहम काम
अली अहमद जलाली से अफगानियों को उम्मीद है क्योंकि जब वे देश के अंतरिम मंत्री रह चुके हैं।
उनके कार्यकाल में अफगान नेशनल पुलिस की पूरी एक फौज खड़ी कर दी गई थी। उस फौज में करीब 50 हजार जवानों को ट्रेनिंग दी गई थी।
इसके अलावा सीमा पुलिस के भी 12 हजार अतिरिक्त सैनिक तैयार किए गए थे। आतंकवाद से लेकर घुसपैठ तक जलाली की रणनीति साफ थी।
2004 के राष्ट्रपति चुनाव और 2005 में संसदीय चुनाव कराने में जलाली बड़ी भूमिका थी।