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NSG में भारत की एंट्री पर चीन ने फिर लगाया अड़ंगा

Mon, 07 Nov 2016 06:51 PM IST
टीम डिजीटल/अमर उजाला/ दिल्ली
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- फोटो : social media
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चीन ने न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप (NSG)में भारत की मेंबरशिप को लेकर फिर अड़ंगा लगाया है। चीन ने कहा कि इस बारे में हमारे स्टैंड में कोई बदलाव नहीं आया है। चीन ने साफ कह दिया है कि या तो भारत परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) पर हस्‍ताक्षर करे या फिर गैर एनपीटी सदस्‍यों की एंट्री पर जब तक आम राय नहीं बन जाती, वह अपना रुख नहीं बदलेगा। बता दें कि भारत की एनएसजी में एंट्री को लेकर आगामी 11-12 नवंबर को वियना में एक अहम बैठक होनी है। 
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चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता लू कांग ने एक प्रेस कॉन्‍फ्रेंस के दौरान कहा, 'इस शुक्रवार को वियना में एनएसजी सदस्‍यों की एक अहम बैठक होगी। इस वक्‍त तक हमारे रुख में कोई बदलाव नहीं आया है।'

हैदराबाद में भारत और चीन के राष्‍ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के बीच 4 नवंबर को हुई बैठक का हवाला देते हुए लू ने कहा कि चीन, भारत सहित सभी संबंधित पक्षों के संपर्क में है और इस मुद्दे पर रचनात्‍मक बातचीत चल रही है। बता दें कि  4 नवंबर को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल और चीनी समकक्ष यांग जाइची की हैदराबाद में मुलाकात हुई थी। 
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एनएसजी में एंट्री के मुद्दे पर चीन के साथ हुई थी दूसरे राउंड की बात

- फोटो : social media
पिछले हफ्ते ही एनएसजी में एंट्री के मुद्दे पर भारत और चीन के बीच दूसरे राउंड की बात हुई थी। इसके बाद चीन की तरफ से कहा गया था कि पहले वह एनपीटी पर साइन नहीं करने वाले सभी देशों की एंट्री के मुद्दे का समाधान चाहेगा। तब चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता ने कहा था, एनएसजी में भारत को शामिल करने के मामले पर मैं आपसे कह सकता हूं कि चीन का रुख बिल्‍कुल स्‍पष्‍ट और दृढ़ है। हम वैसा समाधान चाहेंगे जो सभी गैर एनपीटी देशों पर लागू हो।

उसके बाद माना जा रहा था कि वियना में होने वाली एनएसजी सलाहकारों की बैठक में ग्रॉसी गैर एनपीटी सदस्यों को एनएसजी में शामिल करने के लिए दो चरण की प्रक्रिया का प्रस्ताव रख सकते हैं। इससे पहले जून में भारत ने NSG में शामिल होने की कोशिश की थी लेकिन, चीन ने यह कहते हुए अड़ंगा लगा दिया था कि एनएसजी एक देश को अपना सदस्य बनाने के लिए नियमों में बदलाव नहीं कर सकता।
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