जापान में 2011 में आए विनाशकारी सुनामी में तबाह हुआ फुकुशिमा का परमाणु संयंत्र अब दोबारा शुरू होने की स्थिति में आ गया है। पिछले छह साल से बंद पड़ा यह संयंत्र सुरक्षा मानकों की सभी बाधाओं को पार कर चुका है, जिसकी पुष्टि परमाणु नियामक प्रधिकरण ने कर दी है। इसी के साथ जापान में फुकुशिमा संयंत्र को दोबारा चालू करने का विरोध भी शुरू हो गया है।
प्राधिकरण ने पुष्टि की है कि उत्तरी जापान तट पर काशिवाजकी-कारिवा क्षेत्र में 6 से 7 रिएक्टरों का परिचालन शुरू किया जा सकता है जिनके सुरक्षा मानक फुकुशिमा संकट के बाद तय किए गए मानकों पर खरे उतरते हैं।
यह पहला मौका है जब टोक्यो इलेक्ट्रिक पावर कंपनी (टेपको) को ऊर्जा उत्पादन के साथ आगे बढने की अनुमति मिली है। लेकिन नियामक के इस फैसले की देश भर में आलोचना हो रही है।
परमाणु ऊर्जा संयंत्रों के करीब रहने वाले लोग, सामाजिक कार्यकर्ता और गैर परमाणु ऊर्जा के समर्थकों का कहना है कि संयंत्र के संचालकों ने साल 2011 की फुकुशिमा त्रासदी से कोई सबक लिए बिना परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में दोबारा कदम बढ़ाए हैं।
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साल 2011 में जापानी तट पर आए भूकंप और सुनामी ने फुकुशिमा त्रासदी को खड़ा कर दिया था, सुरक्षा मानकों की इस अनदेखी के लिए इसी टोक्यो इलेक्ट्रिक पावर कंपनी (टेपको) की काफी निंदा भी की गई थी।