एक-दूसरे के देशों का अस्तित्व मिटाने की धमकियां देने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग-उन की बहुप्रतीक्षित शिखर वार्ता के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। मंगलवार को सिंगापुर के सेंटोसा द्वीप पर कपेला होटल में किम के साथ ऐतिहासिक शिखर वार्ता के बाद ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच साझा सैन्य अभ्यास निरस्त कर दिया जाएगा, लेकिन उत्तर कोरिया पर आर्थिक प्रतिबंध जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि भविष्य में दक्षिण कोरिया से अमेरिका अपनी सेना को वापस बुलाने पर भी विचार करेगा।
इस अवसर पर दोनों नेताओं ने एक साझा बयान पर हस्ताक्षर किए। इसके तहत ट्रंप से सुरक्षा गारंटी के एवज में किम ने कोरियाई प्रायद्वीप के संपूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण का वादा किया। ट्रंप ने कहा कि इस वार्ता का नतीजा बहुतों की उम्मीद से ज्यादा अच्छा रहा। किम के लिए उनके अंदर विशेष लगाव विकसित हुआ है और वे दोनों जल्दी ही फिर मिलेंगे और बार-बार मिलेंगे। क्या किम परमाणु निरस्त्रीकरण पर राजी हो गए हैं, इसके जवाब में ट्रंप ने कहा कि हम यह प्रक्रिया बहुत जल्द शुरू करने जा रहे हैं।
निश्चित रूप से बहुत ही जल्दी। उत्तर कोरिया पहले ही अपने एक मिसाइल इंजन परीक्षण स्थल को नष्ट कर चुका है। दोनों नेताओं के साझा बयान में कहा गया कि अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो और उच्च स्तरीय उत्तर कोरियाई प्रतिनिधिमंडल के बीच शिखर वार्ता के नतीजों को लागू करने को लेकर समझौतों पर जल्द से जल्द एक बैठक आयोजित की जाएगी। इसके अलावा दोनों पक्ष युद्ध बंदियों और युद्ध में लापता लोगों के अवशेषों का पता लगाने की कोशिश करेंगे।
ट्रंप ने किम को बताया प्रतिभाशाली
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साझा बयान पर हस्ताक्षर के बाद 34 वर्षीय किम ने कहा, ‘हमारे बीच एक ऐतिहासिक बैठक हुई और हमने बीते हुए कल को पीछे छोड़ने का फैसला किया। दुनिया को एक बहुत बड़ा परिवर्तन देखने को मिलेगा। इस रास्ते में आगे भी चुनौतियां हैं लेकिन हम ट्रंप के साथ मिलकर उसका भी सामना करेंगे।’
इस अवसर पर 71 वर्षीय ट्रंप ने कहा, ‘आज जो कुछ हुआ उस पर हमें गर्व है। उत्तर कोरिया और कोरियाई प्रायद्वीप के साथ अब तक के रिश्तों में बहुत बड़ा बदलाव होने जा रहा है। दोनों नेता दुनिया की एक खतरनाक समस्या को खत्म करने की ओर बढ़ रहे हैं।’ उन्होंने कहा कि किम एक प्रतिभाशाली इनसान है जो अपने देश से बहुत ज्यादा प्यार करते हैं। हम उन्हें व्हाइट हाउस में आमंत्रित करेंगे।
12 सेकंड का हैंडशेक, 45 मिनट की बातचीत
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करीने से तैयार कार्यक्रम के तहत मंगलवार की सुबह दोनों नेताओं की पहली मुलाकात हुई। ट्रंप और किम अपने हाथ फैलाकर एक-दूसरे की ओर बढ़े और 12 सेकंड तक हैंडशेक किया। इसके बाद पत्रकारों को पोज देने के बाद दोनों वन टू वन बातचीत के लिए चले गए। उनकी यह बातचीत 45 मिनट तक चली। इसके बाद दोनों बाहर आए और संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया।
सात मिनट पहले पहुंचे किम
उत्तर कोरियाई मीडिया के अनुसार अपने से वरिष्ठ ट्रंप के प्रति सम्मान जताने के लिए किम उनसे मिलने के लिए आयोजन स्थल पर सात मिनट पहले पहुंचे। उधर, ट्रंप ने इस अवसर के लिए लाल रंग टाई पहनी थी। उत्तर कोरिया के लोगों का यह पसंदीदा रंग है।
यहां पहुंचना आसान नहीं था
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ट्रंप के साथ आमने-सामने की वार्ता से पहले किम ने स्वीकार किया कि यहां तक पहुंचना बहुत आसान नहीं था। बीता हुआ कल और पुराने पूर्वाग्रह रास्ते में बाधा बनकर खड़े थे, लेकिन उन सबको पार करते हुए हम यहां पहुंचने में कामयाब हुए।
भारत ने किया स्वागत
ट्रंप-किम शिखर वार्ता का भारत ने स्वागत किया है। विदेश मंत्रालय ने वार्ता को सकारात्मक करार देते हुए उम्मीद जताई कि कोरियाई प्रायद्वीप के मसले को हल करते समय उत्तर कोरिया की पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम में भूमिका के संबंध में भारत की चिंताओं का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।