29 देशों के सबसे ताकतवर संगठन नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गेनाइजेशन (नाटो) को 69 साल बाद नया ऑफिस मिलने वाला है। इसे ग्लास और स्टील पैलेस भी कहा जा रहा है। 12 साल में बने इस ऑफिस पर 9 हजार करोड़ रुपये की लागत आई है। इसमें 29 देशों के दूतावास एक साथ काम करेंगे। पहले इस ऑफिस का उद्घाटन पिछले साल ही होने वाला था लेकिन कुछ कारणों के चलते ऐसा नहीं हो पाया। लेकिन नए ऑफिस का उद्घाटन जून में खुद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कर सकते हैं। बता दें कि 1949 में स्थापित नाटो का मुख्यालय बेल्जियम की राजधानी ब्रसेल्स में है। इसके सदस्य देशों पर अगर कोई बाहरी हमला होता है तो उस समय यह संगठन उस देश की सहायता करता है। वहीं विभिन्न मुद्दों पर बातचीत के लिए संगठन की साल में एक बार बैठक होती है।
ये हैं नए ऑफिस की खासियतें
- नया मुख्यालय 2.5 लाख वर्ग मीटर में बनाया गया है।
- इसका क्षेत्रफल संयुक्त राष्ट्र संघ के मुख्यालय के बराबर है।
- नए ऑफिस की बिल्डिंग इको फ्रेंडली है।
- इसमें 60 हजार सेंसर लगाए गए हैं जो ऑफिस के तापमान, दरवाजे आदि को नियंत्रित करेंगे।
- इसका डिजाइन बर्लिन दीवार और न्यूयॉर्क ट्विन टावर को मिलाकर बनाया गया है।
हालांकि अभी काम पुराने ऑफिस में ही चल रहा है और नए ऑफिस में जाने के लिए नाटो के कर्मचारी उत्सुक हैं। इस संगठन की ताकत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसके सदस्य देशों का सैन्य खर्च दुनिया के रक्षा व्यय का 70 फीसदी है। जिसमें 60 फीसदी हिस्सा अमेरिका का है और बाकी का 15 फीसदी ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और इटली का है। वहीं इस कार्यालय में करीब 4200 कर्मचारी एक साथ काम करते हैं।