बगलान प्रांत से अगवा 7 भारतीयों के लिए अफगानिस्तान सरकार तालिबान के संपर्क में है। साथ ही इंजीनियरों को बचाने के लिए कबायली सरदारों संग मिलकर अफगान अधिकारी काम कर रहे हैं।
अफगानिस्तान के सुरक्षाकर्मी स्थानीय कबायली सरदारों के साथ मिलकर इन इंजीनियरों को तलाश करने की कोशिश कर रही है। प्रांतीय पुलिस के प्रवक्ता जबिउल्लाह शुजा का कहना है कि आरपीजी ग्रुप की केईसी इंटरनेशनल कंपनी के भारतीय इंजीनियर पावर सब-स्टेशन के एक प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे।
जब सभी इंजीनियर कार्य की प्रगति को देखने के लिए चेश्मा-ए-शेर के आस-पास यात्रा कर रहे थे तब आतंकियों ने उनका अपहरण कर लिया। शुजा का कहना है कि इंजीनियरों का ड्राइवर भी गायब है। उनकी रिहाई के लिए लगातार कोशिश की जा रही है। प्रांत के सुरक्षाकर्मियों का कहना है कि अफगानी सेना और सरकारी अधिकारी बड़े कबायली स्थानीय नेताओं के साथ मिलकर भारतीयों की रिहाई के लिए काम कर रहे हैं।
प्रांतीय राज्यपाल अब्दुल नेमती का कहना है कि सुरक्षा बल और स्थानीय अधिकारी गायब हुए इंजीनियरों और ड्राइवर को तलाशने में व्यस्त हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी अधिकारी और सुरक्षाबलों के साथ ही बड़े कबायली स्थानीय नेता भी भारतीय नागरिकों की रिहाई के लिए प्रयास कर रहे हैं। नेमती ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही भारतीय इंजीनियर और ड्राइवर को रिहा करवा लिया जाएगा।
बगलान के राज्यपाल ने रविवार को बताया कि आतंकवादी संगठन ने भारतीय इंजीनियरों और उनके ड्राइवर का अपहरण कर लिया है। उन्हें लगा कि वह सरकारी कर्मचारी हैं। हालांकि अभी तक किसी भी संगठन ने इसकी जिम्मेदारी नहीं ली है। इस मामले पर भारतीय विदेश मंत्रालय का कहना है कि वह अफगानिस्तान प्रशासन के साथ संपर्क में है। युद्धरत क्षेत्र में ज्यादातर अपहरण की घटनाओं को तालिबान ने अंजाम दिया है।