जैक इब्राहिम ने कई सालों तक अपनी पहचान छिपाई लेकिन आखिर में उन्होंने सबके सामने आने और अपनी पहचान सार्वजनिक करने का फैसला किया।
जैक के पिता को 1993 में न्यूयॉर्क में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में ब्लास्ट के आरोप में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। उस वक्त वो सिर्फ 10 साल के थे।
जैक ने सालों बाद सबके सामने आने के अपने फैसले की वजह बताई। वो कहते हैं, "मैं लोगों को बताना चाहता था कि मेरी परवरिश जिस तरह की चरमपंथी विचारधारा के बीच हुई उसके बाद भी मैं वैसा नहीं बना।
मैं अपने पिता की तरह आतंकवादी नहीं बना। और दुनिया भर के ज्यादातर मुसलमान तो ऐसी विचारधारा से कोसों दूर हैं।