पश्चिमी इंडोनेशिया में जहरीली शराब पीने से 54 लोगों की मौत हो गई है। इसमें जकार्ता के लोग भी शामिल हैं। वहीं गुरुवार से सोमवार के बीच बांगडुंग की राजधानी पश्चिमी जावे के सिकालेंगका उप जिले में 20 लोगों की मौत हो गई। यह जानकारी एक अधिकारी ने दी है। सरकारी अस्पताल की प्रमुख यानी सुम्पना ने बताया कि अस्पताल में इलाज के दौरान 19 लोगों की मौत हो गई वहीं एक व्यक्ति की अस्पताल आने के दौरान रास्ते में मौत हो गई।
सुम्पना ने बताया उल्टी, बेहोशी, सांस लेने में दिक्कत के चलते करीब 40 लोगों को भर्ती कराया गया था। वहीं बहुत से लोगों का अभी भी इलाज किया जा रहा है। बांगडुंग के पुलिस चीफ हेनेड्रो पांगडुंग ने बताया कि तीन लोगों को जहरीली शराब पीने के चलते शनिवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया था जिनकी रविवार को इलाज के दौरान मौत हो गई।
बता दें
इंडोनेशिया मुस्लिम बहुल देश हैं जहां शराब पीने से परहेज की बात की जाती है। इसी कारण यहां शराब पर अधिक कर लगाया गया है लेकिन यहां के कानून के मताबिक शराब पीना गैर कानूनी नहीं है। कई बार टेन्ड शराब भी सॉफ्ट ड्रिंक्स में मिली होती है। जिससे लोगों का जीवन खतरे में आ जाता है। शराब पर अधिक कर होने के कारण ही गरीब लोगों के बीच इसकी काला बाजारी लगातार बढ़ रही है। साथ ही फरवरी 2016 में भी जहरीली शराब पीने से सेंट्रल जावा के 30 लोगों की भी मौत हो गई थी।
वहीं अप्रैल के पहले दिन से अब तक कुल 54 लोगों की मौत हो चुकी है। इससे पहले मार्च आखिर में भी पपुआ के पूर्वी क्षेत्र में दूषित शराब से 6 लोगों की मौत हुई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पुलिस ने सिकालेंगका में चार शराब की दुकानों को बंद कर दिया है। साथ ही दर्जनों जैरी केन्स को भी जब्त कर लिया है जिनमें वाइन मिली होती है। इसके अलावा अलग-अलग प्रकार की शराबों की हजारों बोतलें भी पुलिस ने जब्त कर ली हैं।
जकार्ता पुलिस के प्रवक्ता अरगो युवानो ने सोमवर को कहा कि
जकार्ता में जहरीली शराब पीने से 31 लोगों की मौत हो गई थी। इसके अलावा देपोक और बेकासी से भी महीने की शुरुआत से ही ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं। हालांकि पुलिस ने जकार्ता से 4 लोगों को जहरीली शराब बेचने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है।