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5 वीडियो: देखिए कैसे मक्का में गई सैकड़ों जानें, मचा कोहराम

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मुस्लिमों के पवित्र धर्मस्थल मक्का की मुख्य मस्जिद में शुक्रवार को जुमे के दिन हुए बड़े हादसे में 107 की मौत हो गई और 230 लोग घायल हो गए।
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इस क्रेन हादसे में दो भारतीय भी मारे गए हैं। सऊदी अरब के नागरिक सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि तेज हवा के चलते क्रेन गिरने के कारण यह दर्दनाक हादसा हुआ। विदेश मंत्रालय ने 15 भारतीय के घायल होने की पुष्टि की है।

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप के मुताबिक, मरने वाले दोनों भारतीय केरल के रहने वाले हैं। उन्होंने बताया कि जेद्दा स्थित भारतीय कांसुलेट के अधिकारी इस वक्त घटना स्थल पर बने हुए हैं।
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साथ ही मदद के लिए 24 घंटे की हेल्प लाइन सेवा भी शुरू की गई है। उन्होंने बताया कि घायल 15 भारतीयों का इलाज किया जा रहा है। घायलों में 11 हज यात्री तथा चार निजी टूर आपरेटर हैं।

हादसे के बाद घटना स्थल पर खून ही खून बिखर गया। तस्वीरों में खून से लथपथ लाशों को साफ देखा जा सकता था। हादसे के बाद हर ओर चीख पुकार सुनाई देने लगी। माना जा रहा है कि हादसे में जान गंवाने वाले ज्यादातर मजदूर हैं। यह हादसा सालाना होने वाली मुस्लिमों की पवित्र हज यात्रा से पहले हुआ है।

इस माह के अंत में शुरू होने वाले हज के लिए दुनिया भर के मुसलमान इस वक्त मक्का में जुटने शुरू हो गए हैं। फिलहाल यह नहीं पता चल पाया कि मरने वाले स्थानीय नागरिक थे या इसमें कोई विदेशी भी शामिल था।


भीषण हादसा देखने को मिला

मक्का की मुख्य मस्जिद को बड़ा करने के लिए जारी निर्माण के चलते पिछले वर्ष सऊदी के शाही शासन ने सुरक्षा उपायों का हवाला देते हुए बहुत से श्रद्धालुओं को पवित्र हज से रोक दिया था।

योजना के तहत इस मस्जिद परिसर को बढ़ाकर 4 लाख वर्ग मीटर किया जाना है, जिससे करीब 22 लाख श्रद्धालु एक बार में इसके भीतर आ सकें। इसी निर्माण के चलते मस्जिद में जगह-जगह क्रेनें लगाई गई हैं।

अधिकारियों ने बताया कि हादसे को देखते हुए मरने वालों की संख्या और ज्यादा बढ़ सकती है। खबरों में कहा गया है कि क्रेन का हिस्सा गिरने के कारण पूरी छह ही बैठ गई। बहुत से लोग मलबे के नीचे भी दबे हो सकते हैं।

सऊदी प्रशासन हर वर्ष मक्का में होने वाले पवित्र हज के लिए व्यापक तैयारियां करता है और इसी तैयारी के दौरान यह भीषण हादसा देखने को मिला।


क्रेन मस्जिद की छत तोड़ते हुए अंदर घुस गई

मक्का में अधिकारियों का कहना है कि तेज़ बारिश और हवाओं की वजह से क्रेन मस्जिद की छत तोड़ते हुए अंदर घुस गई। ये हादसा ऐसे समय में हुआ है, जब हज यात्रा के लिए यहां तैयारियां चल रही हैं। हज यात्रा 21 से 26 सितंबर के बीच होगी। पिछले कई वर्षो से हज के दौरान भी हादसे होते रहे हैं।

ज्यादातर हादसे शैतान को पत्थर मारने के दौरान होते हैं। 2006 में मची भगदड़ के कारण मक्का में सैकड़ों लोग मारे गए थे। शुक्रवार होने के कारण मक्का की मुख्य मस्जिद पूरी तरह भरी रहती है। इस कारण हादसे के दौरान भी काफी भीड़ थी। इसी मस्जिद में काबा भी स्थित है, जिसकी ओर दुनिया भर के मुसलमान नमाज अदा करते हैं।


पूरे शहर में रेत ही रेत फेल गई थी

हादसे में घायल भारतीयों का हालचाल जानने के लिए भारतीय अधिकारी घटना स्थल पर पहुंच गए हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने बताया कि जेद्दा स्थित भारतीय कांसुलेट हालात पर नजर बनाए हुए है।

विदेश मंत्रालय के अधिकारी मक्का में घटनास्थल पर पहुंच गए हैं। भारतीय डॉक्टरों को घायलों के इलाज में लगाया गया है। अभी तक का सबसे बड़ा हादसा सऊदी अरब में हुआ है।

इसका असर अप्रत्यक्ष तौर पर हज यात्रा के दौरान दिख सकता है। लोगों के अंदर एक तरह का भय भी व्याप्त हो गया है। पिछले सप्ताह ही सऊदी अरब में रेगिस्तान में तूफान आया था जिसके बाद पूरे शहर में रेत ही रेत फेल गई थी।

हज यात्रा का इंतजाम करने वाले लोगों को आने वाले समय का पूरा पुख्ता इंतजाम करना होगा। क्योंकि हज यात्रा करने दुनिया भर से लाखों लोग हर साल वहां पहुंचते हैं।


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मृत लोगों की संख्या में बढ़ोतरी हो सकती

मुस्लिमों के पवित्र धर्मस्थल मक्का और मदीना में निर्माण के सारे काम का ठेका अमेरिका की ओर से मार गिराए गए अल कायदा सरगना ओसामा बिन लादेन के परिवार को ही मिलता रहा है।

माना जा रहा है कि इस निर्माण का भी ठेका लादेन के परिवार की कंपनी को मिला होगा। पर अभी इस बात की कोई पु‌ष्टि नहीं हो पाई है।

सऊदी अरब प्रशासन के मुताबिक आने वाले समय में मृत लोगों की संख्या में बढ़ोतरी हो सकती है। अभी भी अस्पतालों में भर्ती कई लोगों की हालत नाजुक बनी हुई है।

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