लोग वजन कम करने के लिए नए और अनोखे तरीके ईजाद करते रहते हैं। इसी क्रम में चीन में महिलाओं के बीच 'सन ईटिंग' नाम की नई डाइट चर्चा है। इस डाइट को फॉलो करते हुए औऱतें सूरज के सामने 44 मिनट तक खड़ी रहती हैं।
दावा किया जा रहा है कि ऐसा करने से औरतों को भूख कम लगती है और उनका वजन कम हो रहा है।हालांकि डॉक्टरों ने इस डाइट के संबंध में कोई बयान नहीं दिया है लेकिन चीन के साथ साथ हांगकांग में भी लाखों औरतें वजन कम करने के लिए 'सन ईटिंग डाइट' ले रही हैं।
धूप खाओ और भूख का काम तमाम
डेली मेल के अनुसार इन औरतों ने दावा किया है कि सूरज के सामने लगभग 44 मिनट तक खड़े रहने के बाद उन्हें उन औरतों के मुकाबले भूख कम लगने लगी, जो सूरज के सामने खड़ी नहीं होतीं।
धीरे धीरे सूरज के सामने खड़े होने का वक्त बढ़ता गया औऱ अब 44 मिनट हो गया है। इस महिला ने कहा कि वो जल्द ही इस डाइट को खत्म करने वाली है क्योंकि अब उसे काफी कम भूख लगती है औऱ उसका वजन भी कम हो गया है।
कैसे खाएं सूरज को?
हांगकांग में इस हैल्थ ट्रेंड के तहत 20 से 30 साल की औरतें सूर्यास्त से ठीक पहले किसी बीच पर पहुंच जाती हैं। इन महिलाओं की संख्या कई बार सैंकडों के पार चली जाती है।
यहां औरतें आंखों पर काला चश्मा लगाकर मोबाइल में 44 मिनट का टाइम सैट करती हैं और डूबने से पहले सूरज को घूरना शुरू कर देती हैं। लगभग 44 मिनट तक ऐसा चलता है और फिर औरतें चश्मा हटाकर अपने घरों के चली जाती हैं।
इन औरतों ने दावा किया कि वो पुरातन काल की डाइट का पालन करते हुए सौर ऊर्जा से पेट भर रही हैं। इनका कहना था कि सौर ऊर्जा न केवल पेट भरती है बल्कि शरीर के अन्य हिस्सों को भी पोषण पहुंचाती है।
डॉक्टर क्या कहते हैं?
दूसरी तरफ वैज्ञानिकों ने इस डाइट को हालांकि सिरे से खारिज नहीं किया है लेकिन यह भी कहा है कि गलत तरीके से सूरज को घूरने से उलटे परिणाम होते हैं।
त्वचा विशेषज्ञों का कहना है कि हालांकि सौर ऊर्जा फायदेमंद होती है लेकिन ज्यादा समय के लिए सूरज के सामने खड़े होने पर त्वचा का कैंसर होने का खतरा रहता है।
इतना नहीं काला चश्मा लगाने के बावजूद सूरज को लगातार घूरने से आंखों की ज्योति पर बुरा असर पड़ता है और कंजेटिवाइटिस व अन्य बीमारियां हो सकती हैं।