दुनिया के अलग-अलग देशों में रह रहे करीब 24 हजार भारतीयों ने ही अब तक मतदाता के रूप में अपना रजिस्ट्रेशन कराया है। इसके साथ ही ये लोग भारत में वोट देने के हकदार हो गए हैं। बता दें कि चुनाव आयोग ने विदेशों में रह रहे भारतीय नागरिकों को वोटर बनाने के लिए एक पोर्टल शुरू किया है जहां वह ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं।
केरल के 23,556 मतदाता
चुनाव आयोग द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक अभी तक महज 24,348 प्रवासी भारतीयों ने ही मतदाता के रुप में अपना रजिस्ट्रेशन कराया है। जिनमें से केरल के 23,556 मतदाता, पंजाब के 364 मतदाता और गुजरात के 14 वोटर्स हैं। दरअसल अभी इस बात का कोई अनुमान नहीं है कि विदेशों में रह रहे कितने भारतीय यहां वोट डालने के हकदार हैं।
'ओवरसीज इंडियन वोटर्स' पोर्टल के मुताबिक प्रवासी मतदाता वह लोग हैं जो भारत का नागरिक हैं और जिसके पास किसी दूसरे देश की नागरिकता नहीं है। निर्वाचन आयोग की वेबसाइट ईसीआई डॉट एनआईसी डॉट इन (eci.nic.in) पर जाकर इस पोर्टल पर पंजीकरण कराया जा सकता है।
10,000-12,000 प्रवासी भारतीयों ने ही किया मतदान
आंकड़ों के मुताबिक केवल 10,000-12,000 प्रवासी भारतीयों ने ही मतदान किया क्योंकि वे भारत आने और अपना वोट देने के लिए विदेशी मुद्रा खर्च नहीं करना चाहते। लेकिन अब चीजें बदल सकती है क्योंकि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दो अगस्त को चुनाव संबंधी कानूनों में बदलाव कर प्रवासी भारतीयों को प्रॉक्सी वोटिंग करने का अधिकार देने संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।