मानव तस्करी के आरोपी फ्लोरिडा के एक नागरिक को अमेरिकी कोर्ट ने बिना बांड जेल से रिहा करने का आदेश दिया है। यह व्यक्ति दो भारतीयों के अमेरिका में अवैध परिवहन और चार अन्य भारतीयों की कनाडा के पास कड़ाके की ठंड से मरने के मामले का आरोपी है।
आरोपी स्टीव शैंड को पिछले सप्ताह गिरफ्तार किया गया था। उस पर अमेरिकी कानून का उल्लंघन कर प्रवासियों को देश में अवैध रूप से लाने का आरोप है। वह 20 जनवरी को अमेरिका की मिनसोटा की जिला कोर्ट के मजिस्ट्रेट के समक्ष पहली बार हाजिर हुआ था। उसे 24 जनवरी तक हिरासत में रखने का आदेश दिया गया था।
अमेरिकी अखबार ग्रांड फोर्क्स हेराल्ड के अनुसार शैंड को 24 जनवरी को वर्चुअली पेश हुआ। उसे केस लंबित रहने तक सशर्त रिहा करने का आदेश दे दिया गया। उसे फ्लोरिडा वापस भेजे जाने तक हिरासत में रहना होगा। 30 मिनट की सुनवाई के दौरान शैंड ने कोई टिप्पणी नहीं की, सिवाय इसके कि यस मैम, यह योअर आनर। इसी दौरान जज ने उसकी जमानत की शर्तें तय कीं। उसे पासपोर्ट सरेंडर करने और जब भी सुनवाई हो कोर्ट में पेश होने को कहा गया है। यदि वह दोषी पाया गया तो उसे जेल जाना होगा, यह शर्त भी रखी गई है।
शैंड अपनी वैन में दो भारतीयों को बगैर वैध दस्तावेजों के कनाडा से लेकर अमेरिका में घुसा था। उसे कनाडा-अमेरिका सीमा के दो किलोमीटर दूर ग्रामीण इलाके में पकड़ लिया गया था। जब इन दोनों भारतीयों व शैंड को पेम्बिना बॉर्डर चौकी पर लाया जा रहा था तब वहां सुरक्षा एजेंसियों को पांच और भारतीय मिल गए। ये मिनसोटा के एक गैस संयंत्र की ओर जा रहे थे, जहां स्टाफ की जरूरत थी। इन पांचों भारतीयों ने बताया कि ये इस आस में पैदल आ गए थे कि उन्हें कनाडा के सीमावर्ती इलाके से कोई लेने आएगा। उनके पास पूर्व में आए चार भारतीयों के बैग भी थे। इसके बाद 19 जनवरी को खबर मिली कि रॉयल माउंटेड कनाडा पुलिस को चार शव मिले हैं, जो बर्फ व ठंड कारण जम गए हैं। ये शव कनाडा की अंतरराष्ट्रीय सीमा के अंदर मिले हैं। ये उन्हीं भारतीयों के शव हैं, जो उक्त लोगों से बिछुड़ गए थे। कनाडा सरकार अवैध रूप से भारतीयों के अमेरिका में प्रवेश को लेकर लगातार कार्रवाई करती है। इन भारतीयों की मृत्यु के बाद उनके शव संबंधितों को सौंपने की कार्रवाई जारी है।