ह्यूमन राइट्स वॉच की रिपोर्ट के मुताबिक, इस्राइल ने युद्ध प्रभावित दक्षिणी लेबनान में कम से कम पांच कस्बों व गांवों में आवासीय भवनों पर सफेद फॉस्फोरस (आग लगाने वाले गोले) का इस्तेमाल किया है। इससे नागरिकों को काफी क्षति पहुंच रही है और यह अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है।
एक वैश्विक मानवाधिकार समूह ने बुधवार को प्रकाशित एक रिपोर्ट में दावा किया कि इस्राइल ने युद्ध प्रभावित दक्षिणी लेबनान में कम से कम पांच कस्बों व गांवों में आवासीय भवनों पर सफेद फॉस्फोरस (आग लगाने वाले गोले) का इस्तेमाल किया है। इससे नागरिकों को काफी क्षति पहुंच रही है और यह अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। इससे पीड़ित 173 लोगों का इलाज किया गया है।
विज्ञापन
ह्यूमन राइट्स वॉच की रिपोर्ट के मुताबिक, लेबनान में सफेद फॉस्फोरस के कारण जलने की चोटों के सबूत नहीं मिले, पर संभावित श्वसन क्षति के संकेतों का पता चला है। मानवाधिकार समर्थकों का कहना है कि आबादी वाले क्षेत्रों में विवादास्पद हथियार दागना अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अपराध है। उधर, इस्राइल ने कहा है कि वह सफेद फॉस्फोरस का इस्तेमाल सिर्फ धुएं के परदे के रूप में करता है, नागरिकों को निशाना बनाने के लिए नहीं। सफेद-गर्म रासायनिक पदार्थ इमारतों में आग लगा सकता है और मानव हड्डी तक को जला सकता है।
सफेद फॉस्फोरस जैसे ही ऑक्सीजन के संपर्क में आता है धमाके के साथ फटता है। इसके धुएं का तापमाम 800 डिग्री तक जाता है।
बंदूकधारी का अमेरिकी दूतावास पर हमला, गिरफ्तार
लेबनान में एक बंदूकधारी ने बेरूत के निकट अमेरिकी दूतावास पर हमले का प्रयास किया। लेबनान की सेना ने बताया कि जवाब में सैनिकों ने एक हमलावर पर गोली चला दी। सेना ने बताया है कि हमलावर सीरिया का नागरिक है। घायल हमलावर को अस्पताल ले जाया गया है। बेरूत के उत्तर में अमेरिकी राजनयिक मिशन के पास लगभग आधे घंटे तक गोलीबारी हुई। अमेरिकी दूतावास ने बताया कि दूतावास के प्रवेश द्वार पर सुबह हुए हमले में किसी भी कर्मचारी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
विज्ञापन
स्लोवेनिया ने दी फलस्तीन को मान्यता
गाजा। स्पेन, आयरलैंड व नॉर्वे के बाद स्लोवेनिया ने फलस्तीन राज्य को मान्यता देने का फैसला किया है। इस यूरोपीय देश में इस्राइल के खिलाफ जाकर फलस्तीन के समर्थन में मतदान किया गया।