संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग ने पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न का संज्ञान लेते हुए जमकर फटकार लगाई। आयोग की प्रमुख मिशेल बाचलेट ने गुरुवार को कहा कि धार्मिक अल्पसंख्यकों को पाकिस्तान में लगातार हिंसा का सामना करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं उनके पूजा स्थलों पर बार-बार हमले किए जा रहे हैं।
ईश निंदा कानून के प्रावधानों में संशोधन करने में सरकार की नाकामी के कारण धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा हो रही है।बाचलेट ने मानवाधिकार परिषद के 43वें सत्र को संबोधित करते हुए पाकिस्तान में एक यूनिवर्सिटी लेक्चरर जुनैद हफीज के मामले का जिक्र किया। हफीज को ईश निंदा के लिए दिसंबर में मौत की सजा दी गई थी।
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की सिफारिशों के बावजूद पाकिस्तान की सरकार ईश निंदा कानून के प्रावधानों को खत्म करने या संशोधित करने में विफल रहा है। इसी के चलते धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा हो रही है और उन्हें मनमाने ढंग से गिरफ्तार कर मुकदमे चलाए जा रहे हैं।