पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का कहना है कि वे अमेरिका के साथ द्विपक्षी संबंधों को मजबूत करना चाहते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि वे अमेरिका के साथ रिश्ते सुधारने के बीच चीन के साथ अपने रिश्ते खराब नहीं करेंगे। पीएम शरीफ ने कहा जिस तरह से चीन ने पाकिस्तान की मदद की है, वैसी मदद किसी भी देश ने नहीं की।
‘सीपीईसी के दूसरे चरण का काम तेज गति से चल रहा है’
पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के नेता ने एक पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं। दरअसल पाकिस्तान के पत्रकारों का एक दल हाल ही में चीन की आधिकारिक यात्रा से वापस लौटा है। पीएम शहबाज शरीफ ने आगे बताया चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) के दूसरे चरण का काम तेज गति से चल रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में चीन के विशेषज्ञ पाकिस्तान की यात्रा पर आए थे। चीनी विशेषज्ञों ने दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में आपसी सहयोग बढ़ाने को लेकर सकारात्मक रुख अपनाया है।
शहबाज शरीफ ने चीन-अमेरिका के लिए क्या कहा?
जब शहबाज शरीफ से पाकिस्तान और अमेरिका के संबंधों पर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि अमेरिका के साथ हमारे संबंधों में सुधार होना चाहिए लेकिन, चीन की कीमत पर नहीं…। मैंने हाल ही में अमेरिका के उच्चाधिकारियों और विदेश मंत्री इशाक डार की मौजूदगी में यह बात कही है। मैंने उनसे यह भी कहा है कि उसी तरह, अमेरिका की कीमत पर चीन के साथ दोस्ती नहीं हो सकती क्योंकि दोनों देश हमारे लिए अलग-अलग महत्व रखते हैं।’
‘जैसे चीन ने हमारी मदद की, वैसा अमेरिका नहीं कर सकता‘
पाकिस्तान और अमेरिका के बीच संबंधों में तब दरार आई थी, जब पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने प्रत्यक्ष रूप से अमेरिका की आलोचना की थी। वर्ष 2022 के अप्रैल महीने में इमरान खान को अविश्वास मत के माध्यम से हटाया गया था। इसके बाद खान ने अमेरिका पर उनके पतन की साजिश रचने का आरोप लगाया। प्रधानमंत्री शरीफ ने यह भी कहा कि जिस तरह से चीन द्वारा पाकिस्तान की मदद की जा रही है, वैसा अमेरिका नहीं कर सकता। शरीफ ने यह भी बताया कि उन्होंने चीन से फिर से कर्ज का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा, अगर चीन द्वारा पाकिस्तान सरकार को कर्ज चुकाने के लिए पांच से सात वर्ष का समय दिया गया तो देश में बिजली के दामों के साथ-साथ महंगाई को कम किया जा सकेगा।
चीनी नागरिकों की सुरक्षा को लेकर जताई प्रतिबद्धता
इस दौरान, पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने देश में चीनी नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान सरकार चीन के नागरिकों की सुरक्षा के लिए सभी मौजूदा संसाधनों का इस्तेमाल करेगी। आपको बता दें कि इस वर्ष मार्च महीने में खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में हुए एक विस्फोट में चीन के पांच नागरिकों समेत छह लोग मारे गए थे।