इस्राइल और हमास के बीच दो साल से जारी जंग अब थमने वाली है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की घोषणा के मुताबिक अमेरिका की मध्यस्थता वाले शांति समझौते के पहले चरण पर दोनों देशों ने सहमति जताई है। ऐसे में शांति का पहला चरण 20 बिंदुओं पर आधारित है। जिसमें कैदियों की रिहाई से लेकर गाजा के अधिकांश हिस्सों से इस्राइली सेना की वापसी तक कई प्वाइंट्स शामिल है।
हमास के इस्राइल पर हमले के बाद गाजा में संघर्ष शुरू हो गया था। सात अक्तूबर 2023 को शुरू हुए इस युद्ध को दो साल हो चुके हैं। जिसमें हजारों लोगों की जान चली गई। वहीं सैकड़ों की संख्या में बंधक बनाए गए। हालांकि अब दो साल के लंबे वक्त के बाद गाजा में शांति लौटने वाली है। गाजा में शांति स्थापना की ओर पहला कदम बढ़ा चुका है।
ऐसे में गाजा में आने वाली शांति को लेकर भारत सहित विश्वभर के नेताओं ने क्या कहा? आइए सिलसिलेवार तरीके से जानते हैं।
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गाजा में शांति के पहले चरण का स्वागत किया है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इस्राइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू की तारीफ की। अपने पोस्ट में पीएम मोदी ने लिखा, "हम राष्ट्रपति ट्रंप की शांति योजना के पहले चरण पर हुए समझौते का स्वागत करते हैं। यह प्रधानमंत्री नेतन्याहू के सशक्त नेतृत्व का भी परिचायक है। हमें उम्मीद है कि बंधकों की रिहाई और गाजा के लोगों को मानवीय सहायता में वृद्धि से उन्हें राहत मिलेगी और स्थायी शांति का मार्ग प्रशस्त होगा।"
गाजा समझौते पर संयुक्त राष्ट्र का बयान
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने एक बयान में कहा, "संयुक्त राष्ट्र समझौते को पूरी तरह से साकार करने का समर्थन करेगा और निरंतर एवं सैद्धांतिक मानवीय राहत प्रदान करने का दायरा बढ़ाएगा, और हम गाजा में पुनर्वास और पुनर्निर्माण के प्रयासों को आगे बढ़ाएंगे।"
कनाडा पीएम मार्क कार्नी का बयान
वहीं कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की भी गाजा शांति समझौते पर प्रतिक्रिया सामने आई, उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि राहत है कि अब बंधक जल्द ही अपने परिवारों से मिल पाएंगे। कनाडाई पीएम ने अपने पोस्ट में लिखा कि वर्षों की पीड़ा के बाद आखिरकार शांति संभव लगती है। कनाडा सभी पक्षों से सभी सहमत शर्तों को शीघ्रता से लागू करने और एक न्यायसंगत एवं स्थायी शांति की दिशा में काम करने का आह्वान करता है। इसी के साथ कार्नी ने कई अन्य नेताओं की तरह वार्ता में उनकी भूमिका के लिए कतर, मिस्र और तुर्की की प्रशंसा की है।
अर्जेंटीना का समझौते पर बयान
इस कड़ी में अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर माइली ने X पर लिखा, "मैं इस अवसर पर यह कहना चाहता हूं कि मैं अंतर्राष्ट्रीय शांति में उनके असाधारण योगदान के सम्मान में, नोबेल शांति पुरस्कार के लिए डोनाल्ड ट्रम्प की उम्मीदवारी पर हस्ताक्षर करूंगा।"
मलेशिया का गाजा शांति पर बयान
मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने एक बयान में कहा, "यह घटनाक्रम महीनों की असहनीय पीड़ा और तबाही के बाद आशा की एक किरण है।" उन्होंने सभी पक्षों से व्यापक और स्थायी शांति की ओर बढ़ने के अवसर का लाभ उठाने की अपील की।
जापान
जापान के मुख्य कैबिनेट सचिव योशिमासा हयाशी ने मीडिया को दिए अपने बयान में कहा कि जापान स्वागत करता है कि संबंधित पक्षों के बीच पहले चरण पर सहमति बन गई है। उन्होंने आगे कहा कि यह समझौता स्थिति को कम करने और दो-राज्य समाधान हासिल करने की दिशा में अहम कदम है। इसी के साथ हयाशी ने अमेरिका, कतर, मिस्र, तुर्की और अन्य मध्यस्थ देशों की उनके "अथक प्रयासों" के लिए प्रशंसा की। इतना ही नहीं उन्होंने गाजा की मानवीय स्थितियों में सुधार और पुनर्निर्माण के लिए टोक्यो के समर्थन और योगदान का वादा भी किया।
ऑस्ट्रेलिया
ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने इस समझौते को "उज्ज्वल किरण" बताया। उन्होंने कहा कि इस घोषणा से "आशा जगी है कि आठ दशकों के संघर्ष और आतंक के बाद हम हिंसा के इस चक्र को तोड़ सकते हैं और कुछ बेहतर बना सकते हैं।"
न्यूजीलैंड
न्यूजीलैंड के विदेश मंत्री विंस्टन पीटर्स ने गाजा शांति समझौते के पहले पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा, "पिछले दो साल में, इस्राइल और फिलिस्तीन दोनों ने बहुत कष्ट सहे हैं। आज उस पीड़ा को खत्म करने की दिशा में एक सकारात्मक पहला कदम है।" पीटर्स ने हमास और इस्राइल से समझौते के अपने हिस्से को पूरा करने का आग्रह किया। पीटर्स ने कहा, "स्थायी शांति प्राप्त करने की दिशा में यह एक जरूरी पहला कदम है। हम इस्राइल और हमास से आग्रह करते हैं कि वे पूर्ण समाधान की दिशा में काम करना जारी रखें।