भारत ने शुक्रवार को कहा कि वह फारस की खाड़ी में बनी स्थिति पर काफी चिंतित है और क्षेत्र के देशों से आपसी सम्मान पर आधारित वार्ता के जरिए अपने मतभेद सुलझाने का आह्वान किया।फारस की खाड़ी में ईरान, अमेरिका और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से जुड़ी कई घटनाओं के कारण क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, 'फारस की खाड़ी की स्थिति पर हम काफी चिंतित है।' खाड़ी के सभी देशों के साथ भारत के सभ्यतागत और सांस्कृतिक जुड़ाव तथा व्यापक हित होने का उल्लेख करते हुए सिंह ने क्षेत्र के देशों को आपसी सम्मान पर आधारित वार्ता के जरिए मतभेद सुलझाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा, 'हम क्षेत्र के देशों से आपसी सम्मान, संप्रभुता और एक दूसरे के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करने की नीति पर आधारित वार्ता के जरिए मतभेद सुलझाने का आह्वान करते हैं। क्षेत्र के सभी देशों के साथ भारत के मैत्रीपूर्ण संबंध हैं। पिछले महीने ईरान की नौसेना ने होरमुज जलसंधि के पास एक तेल टैंकर को जब्त कर लिया था। इस पर लाइबेरिया का ध्वज लगा हुआ था। अमेरिका इसे अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र कहता है। ईरान ने इस क्षेत्र में तेल टैंकरों की आवाजाही रोकने की धमकी दी थी।
राजनाथ सिंह ने रूस के वैज्ञानिकों की सराहना की
भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कोरोना वायरस संक्रमण को फैलने से रोकने में सफलता पाने के लिए रूस की सरकार और वहां की जनता को बधाई दी, साथ ही संक्रमण का टीका विकसित करने के लिए देश के वैज्ञानिकों की सराहना की। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पिछले माह घोषणा की थी कि रूस के वैज्ञानिकों ने कोविड-19 का दुनिया का पहला टीका 'स्पुतनिक-5' विकसित कर लिया है।
उन्होंने कहा था कि उनकी एक बेटी को टीका लग चुका है और यह 'काफी प्रभावी' है तथा 'स्थाई प्रतिरोधक क्षमता' विकसित करता है। सिंह ने शुक्रवार को शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक में अपने संबोधन में कहा, 'मैं रूस की सरकार और जनता को कोविड-19 महामारी पर सफलतापूर्वक नियंत्रण पाने के लिए बधाई देता हूं। हम रूस के वैज्ञानिकों और स्वास्थ्यकर्मियों को स्पुतनिक-5 टीका तैयार करने के लिए बधाई देते हैं। मैं महामारी के वक्त आप सब की अच्छी सेहत और सफलता की कामना करता हूं।'
रूस की सरकार ने कोविड-19 के टीके 'स्पुतनिक 5' का, साथ मिल कर उत्पादन करने और देश में इसके तीन चरण में नैदानिक परीक्षण करने के लिए भारत से बात की है। हालांकि रूस के टीके के प्रभावी होने के संबंध में सीमित आंकडे उपलब्ध होने के कारण, इसे ले कर कुछ लोगों में संशय है। जॉन हॉपकिन्स विश्वविद्यालय के अनुसार, रूस में संक्रमण से 17,598 लोगों की मौत हो चुकी है और संक्रमण के 10 लाख से अधिक मामले हैं। गौरतलब है कि सिंह आठ सदस्यीय एससीओ के रक्षा मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए तीन दिन की रूस यात्रा पर हैं।