रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रोम में इतालवी रक्षा कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) और शीर्ष उद्योग जगत के पदाधिकारियों के साथ बातचीत की। रक्षा मंत्री ने बातचीत के दौरान भारत में रक्षा विनिर्माण के अवसरों के बारे में जानकारी दी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारतीय और इतालवी रक्षा उद्योग की पूरक क्षमताओं का दोनों देशों की तरक्की में शानदार इस्तेमाल किया जा सकता है।
इटली और फ्रांस की यात्रा पर हैं रक्षा मंत्री
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म- एक्स पर बैठक की तस्वीरें शेयर की और कहा, "आज रोम में इतालवी रक्षा कंपनियों के सीईओ और अन्य शीर्ष उद्योग नेताओं के साथ शानदार बातचीत हुई।" राजनाथ ने बताया कि इटली की कंपनियों को भारत में रक्षा विनिर्माण के अवसरों के बारे में बताया गया। बता दें कि राजनाथ सिंह दो देशों- इटली और फ्रांस की यात्रा पर हैं।
भारत में दो रक्षा औद्योगिक गलियारों का जिक्र
रक्षा मंत्री ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व वाली भारत सरकार ने भारत में व्यापार करने में आसानी (इज ऑफ डूइंग बिजनेस) के मोर्चे पर काफी सुधार किया है। उन्होंने बताया कि रक्षा में एफडीआई के मानदंडों को आसान बनाया गया है। दो रक्षा औद्योगिक गलियारे बनाए हैं। भारत में रक्षा विनिर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार काम किया जा रहा है।
घनिष्ठ संबंध विकसित करने की अपील
उन्होंने कहा, भारत साथ में विकास और साथ मिलकर उत्पादन के लिए रोमांचक अवसर प्रदान करता है। भारतीय और इतालवी रक्षा उद्योगों की पूरक क्षमताओं को दोनों देशों के हितों में इस्तेमाल किया जा सकता है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, राजनाथ सिंह ने इतालवी उद्योग जगत के नेताओं से भारतीय रक्षा निर्माताओं के साथ आपूर्ति श्रृंखला संबंधों को मजबूत करने और सोसाइटी ऑफ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स के साथ घनिष्ठ संबंध विकसित करने का अनुरोध किया।
किन कंपनियों के साथ हुई बैठक
रक्षा मंत्री के साथ बैठक में 24 इतालवी रक्षा कंपनियों के सीईओ, अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। लियोनार्डो, फिनकैंटिएरी, इलेक्ट्रॉनिका, बेरेटा, एआईएडी, पास्क्वाली जैसी प्रमुख इतालवी कंपनियों के उद्योग जगत के पदाधिकारी बैठक में मौजूद रहे।
राजनाथ सिंह प्रस्ताव से खुश, मदद का दिया भरोसा
रक्षा मंत्री ने दोनों देशों के बीच रक्षा संबंधों को मजबूत करने पर सीईओ की तरफ से आए प्रस्तावों का स्वागत किया। राजनाथ सिंह ने कंपनियों के अधिकारियों को भारत सरकार की ओर से हर जरूरी समर्थन और मदद का भरोसा भी दिलाया। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि रक्षा उद्योग संघ के महासचिव और इतालवी रक्षा मंत्रालय के प्रतिनिधित्व के अलावा, बैठक में इतालवी अवर रक्षा सचिव माटेओ पेरेगो डि क्रेमनागो ने भी भाग लिया।
भारत और इटली के बीच रक्षा सहयोग
इटली दौरे पर गए राजनाथ सिंह के कार्यक्रम के बारे में रक्षा मंत्रालय ने बताया कि कंपनियों के साथ बैठक से पहले उन्होंने रोम में अपने इतालवी समकक्ष गुइडो क्रोसेटो के साथ बैठक की। भारत और इटली के बीच रक्षा सहयोग पर एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। उन्होंने प्रशिक्षण, सूचना साझाकरण और समुद्री सुरक्षा सहित रक्षा निगमों से संबंधित मुद्दों पर भी चर्चा की।
दोनों देश रक्षा साझेदारी को और मजबूत करने के लिए तत्पर
रोम में इतालवी रक्षा मंत्री गुइडो क्रोसेटो के साथ बैठक को राजनाथ सिंह ने गर्मजोशी भरा और सार्थक करार दिया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग से संबंधित कई मुद्दों पर चर्चा हुई। इसमें प्रशिक्षण और समुद्री सुरक्षा को लेकर सूचना साझा करना शामिल रहा। राजनाथ सिंह ने कहा कि दोनों देश रक्षा साझेदारी को और मजबूत करने के लिए तत्पर हैं। उन्होंने कहा, "भारत और इटली के बीच रक्षा सहयोग पर एक समझौते पर भी हस्ताक्षर किए गए। हम अपनी रक्षा साझेदारी को और मजबूत करने के लिए तत्पर हैं।"
सात महीने पहले भारत आई थीं इटली की प्रधानमंत्री
गौरतलब है कि मार्च 2023 में इतालवी प्रधानमंत्री की भारत यात्रा के दौरान भारत और इटली के बीच संबंधों को रणनीतिक साझेदारी तक बढ़ाया गया था। दोनों देशों के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध हैं। दोनों देशों के बीच राजनीतिक और आधिकारिक स्तर पर यात्राओं का नियमित आदान-प्रदान होता रहा है।
नौसेना के लिए फ्रांस से राफेल खरीदने की तैयारी
बता दें कि भारत और फ्रांस ने हाल ही में रणनीतिक साझेदारी के 25 वर्ष पूरे होने का जश्न मनाया। दोनों देशों के बीच महत्वपूर्ण औद्योगिक सहयोग सहित गहरे और व्यापक द्विपक्षीय रक्षा संबंध हैं। रक्षा मंत्री की फ्रांस यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत, देश की नौसेना के लिए फ्रांस से 26 राफेल एम लड़ाकू विमान खरीदने पर विचार कर रहा है।