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'शत्रु संहारक' राफेल हुआ हमारा, फ्रांस में आज रक्षा कंपनियों के साथ बैठक करेंगे राजनाथ

Wed, 09 Oct 2019 08:21 AM IST
Priyesh Mishra न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह - फोटो : ट्विटर
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दो दिवसीय दौरे पर फ्रांस पहुंचे राजनाथ सिंह आज फ्रांसीसी रक्षा कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। इस दौरान वह मेक इन इंडिया, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर सहित रक्षा सहयोग के कई मुद्दों पर बातचीत करेंगे। रिपोर्ट के अनुसार, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आज राफेल विमान बनाने वाली कंपनी दसॉल्ट का भी दौरा करेंगे।
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बता दें कि ‘विजयादशमी’ और भारतीय वायुसेना के स्थापना दिवस के दिन भारत को विश्व के सबसे शक्तिशाली लड़ाकू विमानों में से एक राफेल विमान मिल गया। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और वाइस चीफ मार्शल हरजीत सिंह अरोड़ा मंगलवार को फ्रांसीसी शहर बॉर्डोक्स पहुंचे, जहां ‘हैंडओवर सेरेमनी’ में फ्रांस ने भारत को राफेल विमान सौंपा।

पहले राफेल का नाम वायुसेना प्रमुख राकेश भदौरिया के नाम पर ‘आरबी-001’ रखा गया है। हालांकि राफेल की पहली खेप अगले साल मई में मिलेगी, क्योंकि भारत में इसे रखने के लिए बुनियादी ढांचा तैयार किया जा रहा है।
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राफेल ग्रहण करने के बाद राजनाथ ने कहा, हमारे पास विश्व की चौथी सबसे बड़ी वायुसेना है और मेरा मानना है कि राफेल हमें और भी मजबूत बनाएगा। यह क्षेत्र में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारत के हवाई प्रभुत्व को तेजी से बढ़ावा देगा।

भारत और फ्रांस के बीच 23 सितंबर, 2016 को 36 राफेल विमानों को लेकर करार हुआ था। मुझे खुशी है कि राफेल की डिलीवरी सही समय पर हो रही है। मुझे भरोसा है कि सभी राफेल विमान भारत को समय पर मिल जाएंगे। 

फ्रांस से भारत तक कई देशों की हवाई सीमा से होकर आएंगे राफेल

भारत ने मंगलवार को फ्रांस में राफेल विमान की पहली खेप को भले ही ग्रहण कर लिया है। मगर, इस शक्तिशाली लड़ाकू विमान को भारत लाने में अभी थोड़ा इंतजार करना होगा। अगले साल मई में चार राफेल विमानों की पहली खेप के भारत आने की उम्मीद है।

हालांकि, ऐसा नहीं है कि पायलट सीधे इसे उड़ाकर भारत ले आएंगे। इसके लिए पूरी योजना पहले से तैयार कर ली गई है क्योंकि फ्रांस से भारत तक के रास्ते में दूसरे देशों की हवाई सीमा में भी प्रवेश करना होगा। वायुसेना के पायलटों को मेरिना एयरबेस में खास ट्रेनिंग दी गई है। ये सभी विमान एक साथ उड़ान भरेंगे।

'इंडिया—1' और 'इंडिया—2' होंगे कोड शब्द

अंग्रेजी वेबसाइट मिंट की खबर के अनुसार सबसे पहला काम फ्लाइट प्लान बनाना होगा। बोर्डोक्स से जामनगर तक उड़ान भरने के दौरान पायलट संकेतों के जरिए एक—दूसरे के साथ संपर्क बनाए रखेंगे। इसके लिए 'इंडिया—1' और 'इंडिया—2' कोड वर्ड रखे गए हैं। ये कोड पायलटों की संख्या पर निर्भर होंगे। इसी सांकेतिक भाषा के जरिए पायलट एक—दूसरे को यह बताएंगे कि वे किस देश की हवाई सीमा में प्रवेश कर रहे हैं।

भारत आते हुए 33,000 फीट की ऊंचाई पर भरेंगे उड़ान

ये लड़ाकू विमान भी सामान्य विमानों की तरह 33,000 फीट की ऊंचाई पर ही उड़ेंगे। एक समूह में चार विमानों को ही रखा जाएगा। साथ ही एक परिवहन विमान भी पूरे सफर में राफेल विमानों के साथ रह सकता है। इस विमान में अतिरिक्त पायलट, राफेल का अतिरिक्त इंजन और अन्य जरूरी उपकरण होंगे ताकि कहीं बीच में कोई खराबी आती है, तो उसे जल्द से जल्द ठीक किया जा सके।

1000 किलोमीटर प्रति घंटा होगी गति

राफेल विमान फ्रांस से भारत तक के सफर में करीब एक हजार किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भरेगा। हालांकि यह उसकी शीर्ष गति से काफी कम है। राफेल की अधिकतम गति 2222 किलोमीटर प्रति घंटा है।
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इन देशों में ईंधन के लिए उतरेंगे

जानकारी के मुताबिक फ्रांस के बोर्डोक्स से उड़ान भरने के बाद राफेल विमान दो बार ईंधन भरने के लिए रुकेंगे। इस प्रक्रिया में पहला पड़ाव ग्रीस या इटली होगा। इसके बाद ये विमान दोबारा ईंधन भरने के लिए तुर्की या ओमान में रुकेंगे।

ओमान से सीधे जामनगर के लिए उड़ान

ओमान से ईंधन भरने के बाद राफेल विमान सीधे गुजरात के जामनगर के लिए उड़ान भरेंगे और भारत की धरती पर कदम रखेंगे। जामनगर में कस्टम विभाग की औपचारिकताएं पूरी करने के बाद राफेल विमान अंबाला एयरबेस लाए जाएंगे।

यहां होंगे राफेल विमान तैनात

राफेल विमानों को हरियाणा के अंबाला, पश्चिम बंगाल के हाशिमआरा में तैनात किया जाएगा। अंबाला में राफेल विमानों के लिए एक स्क्वाड्रन तैयार किया गया है। इसके लिए 17 नंबर स्क्वाड्रन को चुना गया है। पांच साल पहले मिग—21 को हटाए जाने के बाद इसे रिटायर कर दिया गया था।
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