कांग्रेस सांसद राहुल गांधी तीन दिवसीय अमेरिका के दौरे पर हैं। वह 10 सितंबर तक अमेरिका में रहेंगे। रविवार (स्थानीय समयानुसार) को कांग्रेस सांसद ने डलास में आयोजित एक समारोह के दौरान विश्वविद्यालय के छात्रों के बीच कांग्रेस की जनसंपर्क की कवायद- भारत जोड़ो यात्रा, बेरोजगारी के मुद्दे जैसे कई अहम विषयों पर बात की। इसके अलावा, उन्होंने भारत में कौशल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के बारे में भी व्यापक चर्चा की।
समारोह के दौरान कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कौशल को लेकर किए गए एक सवाल का जवाब देते हुए कहा, बहुत से लोग कहते हैं कि भारत में कौशल को लेकर समस्या है। जिन लोगों के पास कौशल है, उनका कोई सम्मान नहीं है, लेकिन मुझे नहीं लगता कि भारत में कौशल को लेकर कोई समस्या है। उन्होंने कहा कि हमारी शिक्षा प्रणाली व्यवसाय प्रणाली से जुड़ी नहीं है। आपके पास जो शिक्षा प्रणाली है, यह एक आइवरी टॉवर में मौजूद है।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि शिक्षा प्रणाली किसी भी तरह से भारत की कौशल संरचना के साथ गहराई से नहीं जुड़ती है। मुझे लगता है कि व्यावसायिक प्रशिक्षण के माध्यम से इन दो प्रणालियों, कौशल और शिक्षा को जोड़ना मौलिक है, जहां इसके माध्यम से विचारधारा को पोषित किया जा रहा है।
इसके अलावा, राहुल गांधी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि 'हर बार जब आपको कोई नई तकनीक मिलती है, तो तर्क दिया जाता है कि यह नौकरियां छीनने वाली है। जब कंप्यूटर पहली बार आए थे, तो कहा गया था कि यह नौकरियां छीनने के लिए हैं। जब कैलकुलेटर पहली बार आए थे, तब भी यही कहा गया था। लेकिन, होता यह है कि नई तकनीक कुछ लोगों से नौकरियां छीन लेती और फिर उन्हें दूसरे लोगों को हस्तांतरित कर देती है। वहीं, इससे विभिन्न प्रकार की नौकरियां पैदा होंगी और विभिन्न प्रकार की प्रणालियों से कमोबेश लाभ होगा।
राहुल गांधी ने कहा, 'उदाहरण के लिए, मुझे लगता है कि एआई के कारण भारत में आईटी उद्योग को वास्तव में कोई बड़ी गंभीर समस्या होने वाली है। लेकिन मुझे नहीं लगता कि बजाज- स्कूटर बनाने में इतनी बड़ी समस्या होने वाली है, इसलिए यह अलग-अलग लोगों पर अलग-अलग प्रभाव डालेगा, यह कुछ नौकरियां छीन लेगा, यदि आप इसे सही तरीके से रखते हैं, तो यह एक अवसर है और यदि आप इसे खराब स्थिति में रखते हैं, तो यह आपके लिए एक संकट में बदल जाएगा। कंप्यूटर ने भारत में लाखों नौकरियां पैदा कीं। तो यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप कितने लचीले हैं और आप भविष्य को कितनी अच्छी तरह देख रहे हैं।