Rafah: जहां से गाजा में जा रहा खाना-पानी उस पर इस्राइल का हमला, राफा में 15 लाख लोगों के जीवन पर क्या खतरा?
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिवेंद्र तिवारी
Updated Tue, 13 Feb 2024 07:56 PM IST
सार
Rafah Operation: इस्राइल ने अपने लोगों को छुड़ाने के लिए अब राफा सीमा पर कार्रवाई शुरू कर दी है। इस्राइल का कहना है कि राफा क्षेत्र में हमास का आखिरी बचा हुआ गढ़ है। फिलहाल राफा क्रॉसिंग गाजा से अंदर और बाहर जाने का एकमात्र रास्ता है।
राफा सीमा
- फोटो : human right watch
हमास और इस्राइल के बीच बीते पांच महीने से जंग जारी है। पिछले साल 7 अक्तूबर को इस्राइल पर हमास के घातक हमले के बाद दोनों पक्ष आमने-सामने हैं। इस लड़ाई के बीच मिस्र से लगी राफा सीमा पर इस्राइली रक्षा बल (आईडीएफ) ने कार्रवाई शुरू की है। आईडीएफ के ताजा हमले में यहां 70 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है। कार्रवाई यहीं तक सीमित नहीं है बल्कि इस्राइल ने आगे जमीनी हमले के भी संकेत दिए हैं।
पूरे युद्ध के बीच राफा सीमा से ही मानवीय सहायता भेजी जा रही है। उधर हमले के बाद मिस्र ने इस्राइल के साथ किए गए दशकों पुराने शांति समझौते को खत्म करने की धमकी दी है। इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र और विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी चिंता जाहिर की है।
आइये जानते हैं कि राफा सीमा पर क्या हुआ है? इस्राइल ने यहां हमला क्यों किया? यह सीमा क्यों महत्वपूर्ण है? हमले का असर क्या हो सकता है?
राफा सीमा
- फोटो : human right watch
हमास और इस्राइल के बीच बीते पांच महीने से जंग जारी है। पिछले साल 7 अक्तूबर को इस्राइल पर हमास के घातक हमले के बाद दोनों पक्ष आमने-सामने हैं। इस लड़ाई के बीच मिस्र से लगी राफा सीमा पर इस्राइली रक्षा बल (आईडीएफ) ने कार्रवाई शुरू की है। आईडीएफ के ताजा हमले में यहां 70 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है। कार्रवाई यहीं तक सीमित नहीं है बल्कि इस्राइल ने आगे जमीनी हमले के भी संकेत दिए हैं।
पूरे युद्ध के बीच राफा सीमा से ही मानवीय सहायता भेजी जा रही है। उधर हमले के बाद मिस्र ने इस्राइल के साथ किए गए दशकों पुराने शांति समझौते को खत्म करने की धमकी दी है। इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र और विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी चिंता जाहिर की है।
आइये जानते हैं कि राफा सीमा पर क्या हुआ है? इस्राइल ने यहां हमला क्यों किया? यह सीमा क्यों महत्वपूर्ण है? हमले का असर क्या हो सकता है?
गाजा पट्टी
- फोटो : amar ujala graphics
राफा सीमा पर क्या हुआ है?
इस्राइली सेना ने सोमवार सुबह 1:49 बजे राफा के आसपास के इलाकों पर हवाई हमले किए। खचाखच भरे राफा पर दर्जनों विस्फोट हुए। रात भर हुई बमबारी ने राफा में तबाही मच गई। अधिकांश लोग गाजा में अपने घरों से भाग गए।
आईडीएफ के सैनिक
- फोटो : आईडीएफ
इस्राइल ने यहां हमला क्यों किया?
आईडएफ प्रवक्ता रियर एडमिरल डैनियल हगारी के मुताबिक, हमास के लड़ाकों ने यहां बंधकों को छुपा कर रखा था। इस कार्रवाई के बाद आईडीएफ ने दो बंधकों को बचाया है। इन्हें 7 अक्तूबर 2023 को अपहरण कर लिया गया था।
हगारी ने दावा किया कि बचाव अभियान सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर चलाया गया था। यह इस्राइलियों के लिए मनोबल बढ़ाने वाला है। सेना ने यह भी कहा है कि अभियान शेष बंधकों की रिहाई की दिशा में एक छोटा कदम है। बंधकों को सुरंगों में छिपाया गया है।
दरअसल, इस्राइल ने राफा क्षेत्र में हमास का आखिरी बचा हुआ गढ़ बताया है। इस्राइल ने संकेत दिया है कि उसका जमीनी आक्रमण जल्द ही गाजा पट्टी के दक्षिणी किनारे पर स्थित शहर पर हो सकता है। इस्राइल का कहना है कि लगभग 100 बंधक अभी भी हमास की कैद में हैं। इसके अलावा हमास के पास लगभग 30 अन्य लोगों के शव भी हैं।
राफा सीमा की अहमियत क्या है?
गाजा की कुल आबादी 23 लाख है जिसमें से आधे से अधिक अब राफा में हैं। यहां हजारों लोग विशाल तम्बू शिविरों और भीड़ भरे संयुक्त राष्ट्र के आश्रयों में रह रहे हैं।
आश्रय के अलावा यह राफा मदद का द्वार भी बन चुका है। दरअसल, गाजा पट्टी में लोगों और सामानों की आवाजाही तीन क्रॉसिंगों के जरिए होती है। इसमें पहला राफा क्रॉसिंग है जिसका नियंत्रण मिस्र के पास है। दूसरा इरेज और तीसरा केरेम शालोम क्रॉसिंग जिनका नियंत्रण इस्राइल करता है।
युद्ध से पहले मानवीय सहायता के लिए केरेम शालोम प्राथमिक मार्ग था। यह और इरेज दोनों अब बंद हो गए हैं। इस तरह से राफा गाजा से अंदर और बाहर जाने का एकमात्र रास्ता रह गया है।
हमले का राफा सीमा पर क्या असर हो सकता है?
हाल ही में इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि इस्राइल के युद्ध लक्ष्यों को पूरा करने के लिए राफा में जमीनी सेना भेजना आवश्यक है। उधर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने नेतन्याहू को नागरिकों की सुरक्षा का ध्यान रखते हुए सैन्य अभियान चलाने की हिदायत दी है।
हमले के बाद मिस्र ने इस्राइल के साथ किए गए दशकों पुराने शांति समझौते को खत्म कर सैन्य दखल की धमकी दी है। मिस्र ने चेतावनी दी कि अगर इस्राइल यहां हमला करता है, तो 40 वर्ष पुराने शांति समझौते को तोड़ दिया जाएगा।
अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने भी जताई चिंता
इस्राइली हमले के बाद संयुक्त राष्ट्र और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) जैसे संगठनों ने चिंता जाहिर की है। डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि गाजा के लाखों लोगों के लिए राफा आखिरी ठिकाना है। संस्था ने इस्राइली पीएम से युद्धविराम की अपील करते हुए कहा कि राफा पर इस्राइली हमलों के बाद गाजा के लोगों के पास अब सिर छिपाने के लिए कोई जगह नहीं बची है।
इधर, संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार का कहना है कि गाजा में इस्राइली सैन्य घुसपैठ भयानक है, क्योंकि लगभग 15 लाख फलस्तीनियों के पास भागने के लिए कोई और जगह नहीं है। भारी तादाद में नागरिकों के मारे जाने और घायल होने की आशंका है। मानवाधिकार संस्था ने इसे युद्ध के कानूनों का उल्लंघन करार दिया है।