बीते सप्ताह के आखिर में लाहौर के ज़मान पार्क इलाके में इमरान के निवास से उन्हें गिरफ्तार करने के लिए पुलिस पहुंची थी। जहां पुलिस और इमरान समर्थकों के बीच झड़प भी हुई थी। जिसके बाद इमरान ने सरकार और सरकारी संस्थाओं के खिलाफ बयानबाजी की थी।
पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रहीं। अब दक्षिण-पश्चिमी पाकिस्तान में क्वेटा की एक स्थानीय अदालन ने पीटीआई प्रमुख इमरान खान के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। साथ ही अदालत ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे पूर्व पीएम को अदालत में पेश करें।
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जिस मामले में उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया है वह बीते रविवार को राजकीय संस्थाओं और उनके अधिकारियों के खिलाफ इमरान खान की टिप्पणी से संबंधित है। मिली जानकारी के मुताबिक, शिकायतकर्ता अब्दुल खलील काकर ने पीटीआई प्रमुख के खिलाफ बिजली रोड थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। क्वेटा पुलिस ने सोमवार को पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के प्रमुख इमरा खान के खिलाफ इलेक्ट्रॉनिक अपराध अधिनियम 2016 की धारा 153ए, 124ए और 505 के तहत "नफरत फैलाने" का मामला दर्ज किया है।
दरअसल, बीते सप्ताह के आखिर में लाहौर के ज़मान पार्क इलाके में इमरान के निवास से उन्हें गिरफ्तार करने के लिए पुलिस पहुंची थी। जहां पुलिस और इमरान समर्थकों के बीच झड़प भी हुई थी। जिसके बाद इमरान ने सरकार और सरकारी संस्थाओं के खिलाफ बयानबाजी की थी।
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क्या बोले थे इमरान खान?
पुलिस और उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच खूनी संघर्ष के बाद, खान कहा कि सरकार पंजाब में चुनाव टालने का बहाना चाहती है और इसके लिए उसे लाशों की जरूरत है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने हमारे 100 कार्यकर्ताओं को उठा लिया है। हम सरकार और उसके आकाओं को उसके नापाक मंसूबे में कामयाब नहीं होने देंगे।
गौरतलब है कि इस्लामाबाद की एक अदालत द्वारा तोशखाना मामले में खान के खिलाफ गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किए जाने के बाद पुलिस की छापेमारी शुरू हुई। कई मामलों का सामना कर रहे खान ने पिछले हफ्ते कहा था कि अब तक उनके खिलाफ कम से कम 76 मामले दर्ज किए जा चुके हैं।