क्वाड के गठन के 20 साल पूरे हो गए हैं। इस अवसर पर सभी सदस्य देशों ने एक संयुक्त बयान जारी किया। इस बयान में कहा गया कि आपदा राहत सहयोग से क्वाड रणनीतिक साझेदारी में बदला है और इसका उद्देश्य हिंद प्रशांत महासागर को मुक्त, समृद्ध और शांतिपूर्ण बनाए रखना है। क्वाड के 20 साल पूरे होने पर अमेरिका, भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्रियों ने एक संयुक्त बयान जारी किया।
साल 2004 में हुआ था क्वाड का गठन
इस संयुक्त बयान में कहा गया कि '20 साल पहले जब हिंद महासागर में भूकंप और सूनामी आई थी, तब क्वाड का गठन क्षेत्र के लोगों की मदद के लिए किया गया था। सुनामी विश्व इतिहास की सबसे बड़ी आपदाओं में से एक है, जिसमें हिंद प्रशांत क्षेत्र के 14 देशों में करीब ढाई लाख लोगों की जान गई और 17 लाख लोग विस्थापित हुए थे। क्वाड के सदस्य देशों ने मिलकर इन देशों की मदद की।'
आपदा प्रबंधन के साथ इन चुनौतियों पर मिलकर सहयोग करेंगे क्वाड देश
बयान के अनुसार, क्वाड के सदस्य देश आपदा प्रबंधन और मानवीय मदद के प्रति मजबूत रहेंगे और साथ मिलकर काम करते रहेंगे। साल 2024 में क्वाड के चारों सदस्य देशों ने हिंद प्रशांत महासागर क्षेत्र के देशों को आपदा प्रबंधन में मदद की और आपदा की स्थिति में तुरंत मदद के लिए नए रास्तों की पहचान की। बीते 20 वर्षों में क्वाड एक आपदा प्रबंधन सहयोग से रणनीतिक साझेदारी में तब्दील हुआ है। क्वाड हिंद प्रशांत महासागर की चुनौतियों के खिलाफ मिलकर काम करेगा। जलवायु परिवर्तन, कैंसर, आपदाओं से बचाव के लिए बेहतर आधारभूत ढांचे के विकास, मेरीटाइम निगरानी, STEM शिक्षा, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई, अहम तकनीक पर सहयोग और साइबर सिक्योरिटी भी सहयोग करेंगे।
क्वाड के संयुक्त बयान में आसियान देशों की एकता और हिंद प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा में इनकी अहमियत को मान्यता दी गई। क्वाड एक कूटनीतिक साझेदारी है, जिसके सदस्य देशों में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं। इसका उद्देश्य हिंद प्रशांत महासागर को मुक्त, समावेशी, समृद्ध बनाए रखना है।