कतर में हुए हेलिकॉप्टर क्रैश में मारे गए छह में से तीन तुर्की नागरिक थे। दोहा ने रविवार को एक बयान जारी कर बताया कि मिलिट्री हेलिकॉप्टर हादसे में छह लोग मारे गए जबकि एक लापता है। इसमें छह लोगों के नाम का भी खुलासा किया गया। तुर्की की ओर से भी एक रिलीज जारी की गई, जिसमें सशस्त्र बलों के एक सदस्य और तुर्की की डिफेंस कंपनी के दो तकनीशियनों के मारे जाने की पुष्टि की गई।
बताया कि 21 मार्च की शाम को, कतर सशस्त्र बलों का एक हेलिकॉप्टर, जो कतर-तुर्की संयुक्त बल कमान के तत्वावधान में प्रशिक्षण गतिविधियां संचालित कर रहा था। समुद्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया; प्रारंभिक जांच के अनुसार, ऐसा किसी तकनीकी खराबी से हुआ। तत्काल चलाए गए खोज और बचाव अभियानों के परिणामस्वरूप, हेलिकॉप्टर का मलबा और हमारे शहीदों के पार्थिव शरीर बरामद किए गए।
इसमें आगे बताया गया कि दुर्घटना में, कतर सशस्त्र बलों के चार कर्मी, तुर्की सशस्त्र बलों का एक सदस्य, और एएसईएलएसएएन (अग्रणी रक्षा कंपनी) के दो तकनीशियन, जो हेलिकॉप्टर में सवार थे ने अपनी जान गंवा दी। दुर्घटना का निश्चित कारण कतर के अधिकारियों द्वारा की जाने वाली जाँच के बाद निर्धारित किया जाएगा।
ये भी पढ़ें:- West Asia Crisis: पश्चिम एशिया संकट में कूदे जी7 देश, खाड़ी देशों पर हमलों के लिए ईरान को दी चेतावनी
बचाव कार्य में लगे कई यूनिट्स
इससे पहले, कतर के रक्षा मंत्रालय ने एक बयान जारी कर मृतकों के नाम बताए थे। बयान में कहा गया कि सुबह चले खोज और बचाव अभियानों के तहत, कतर सशस्त्र बलों के कैप्टन (पायलट) मुबारक सलेम दवाय अल-मारी, सार्जेंट फहद हादी गनेम अल-खयारिन, और कॉर्पोरल मोहम्मद माहेर मोहम्मद; कतर-तुर्की संयुक्त बलों के मेजर सिनान ताशतेकिन; और विमान के यात्रियों में शामिल तुर्की के नागरिक सहयोगी सुलेमान जेमरा कहरामन और इस्माइल अनास कैन की मृत्यु हो गई। वहीं, कतर सशस्त्र बलों के लापता कैप्टन (पायलट) सईद नासिर समेख की खोज के लिए अभियान जारी रखा गया। दोपहर बाद पुष्टि की गई कि सातवां शव भी बरामद कर लिया गया है और वो लापता कैप्टन सईद नासिर समेख का ही है।
ये भी पढ़ें:- बंगाल: कांग्रेस का पुराना गढ़ कैसे बना ममता बनर्जी का अभेद्य किला, जानें कैसा है भवानीपुर की हॉट सीट का इतिहास
मौसम और समुद्री हालात पर भी नजर
जहां एक ओर समुद्री हालात बचाव कार्य में बाधा डार रहे हैं। वहीं दूसरी ओर कतर सरकार मौसम और समुद्री हालात पर भी नजर रखी जा रही है, क्योंकि ये बचाव कार्य की सुरक्षा और गति को प्रभावित कर सकते हैं। कतर सरकार ने कहा है कि सभी उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कर खोज और बचाव कार्य को सुरक्षित और प्रभावी तरीके से जारी रखा जाएगा।