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US: 'पुतिन की भारत यात्रा ट्रंप की नाकामी', पेंटागन के पूर्व अधिकारी का बड़ा बयान; अमेरिकी नीति को बताया पाखंड

Sun, 07 Dec 2025 07:48 AM IST
शुभम कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन

सार

पेंटागन के पूर्व अधिकारी माइकल रूबिन ने कहा कि रूस के राष्ट्रपति पुतिन की भारत यात्रा को अमेरिका में ट्रंप की बड़ी कूटनीतिक नाकामी माना जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि 65% अमेरिकी ट्रंप को नापसंद करते हैं। रूबिन ने रूस से भारत के तेल आयात का बचाव करते हुए कहा कि अमेरिका खुद मॉस्को से व्यापार करता है और भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को प्राथमिकता देने में सही है। 

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अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति पुतिन। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अमेरिकी रक्षा मुख्यालय पेंटागन के पूर्व अधिकारी माइकल रूबिन ने कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे को बहुसंख्य अमेरिकी नागरिक राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की घोर नाकामी के रूप में देख रहे हैं। अमेरिकी नागरिक ट्रंप को पसंद नहीं करते। रूबिन ने दावा किया कि हालिया सर्वे में पाया गया है कि अमेरिका के 65 प्रतिशत लोग ट्रंप को नापसंद करते हैं। अमेरिकी पूर्व अधिकारी ने कहा कि रूस से रियायती तेल खरीदने पर भारत को लेक्चर देकर अमेरिका पाखंड कर रहा है क्योंकि वॉशिंगटन खुद मॉस्को के साथ व्यापार में शामिल है। उन्होंने नई दिल्ली की अपनी जरूरतों को प्राथमिकता देने की स्थिति को सही ठहराया।

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पेंटागन के पूर्व अधिकारी ने अमेरिका की कड़ी आलोचना तब की जब उनसे नई दिल्ली दौरे के दौरान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की उस टिप्पणी के बारे में पूछा गया कि मॉस्को बढ़ती भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए ईंधन की बिना रुकावट आपूर्ति जारी रखने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि भारत जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने वाला है और उसकी अपनी ऊर्जा जरूरतें हैं। उन्होंने अगस्त में भारतीय आयात पर अमेरिका की तरफ से 50% टैरिफ लगाने की आलोचना की। वाशिंगटन का दावा है कि यह तेल यूक्रेन में मॉस्को के युद्ध प्रयासों को बढ़ावा देता है।

रूसी तेल खरीद पर अमेरिका कर रहा पाखंड
रूबिन ने खास बातचीत में कहा, जो बात अमेरिकियों को समझ नहीं आती, वह यह है कि भारतीयों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारत के हितों का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना है। अमेरिका पाखंड कर रहा है क्योंकि हम रूस से खरीदते हैं। हम ऐसे सामान और मटीरियल खरीदते हैं जिनके लिए हमारे पास कोई दूसरा बाजार नहीं है। उन्होंने कहा, अगर हम नहीं चाहते कि भारत रूसी तेल खरीदे तो हमें भारत को सस्ती कीमत पर और जितनी मात्रा में उसे जरूरत है उतनी मात्रा में ईंधन देने के लिए हम क्या करने वाले हैं?
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पाकिस्तान को गले लगाने पर भी सवाल
पूर्व पेंटागन अधिकारी ने पाकिस्तान को गले लगाने के लिए अमेरिका के पास कोई रणनीतिक तर्क नहीं होने का दावा करते हुए कहा कि इस्लामाबाद को आतंकवाद का स्टेट स्पॉन्सर घोषित किया जाना चाहिए। उन्होंने जून में पाकिस्तान के आर्मी चीफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के व्हाइट हाउस दौरे पर भी आपत्ति जताई और कहा कि मुनीर को अमेरिका में गिरफ्तार किया जाना चाहिए।
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