पुतिन को 30 दिन का युद्धविराम मंजूर
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रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने गुरुवार को कहा कि वह यूक्रेन में 30-दिन के युद्ध विराम के अमेरिकी प्रस्ताव से सैद्धांतिक तौर पर सहमत हैं। लेकिन इसके तौर-तरीके तय करने होंगे, ताकि स्थायी शांति का मार्ग प्रशस्त हो सके। उन्होंने यूक्रेन के साथ समझोते पर इतना ध्यान देने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रयासों को सराहा। इसके साथ ही यह जंग रोकने के महा अभियान के लिए भारत, चीन, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका के नेताओं का आभार भी जताया। यह साबित करता है कि जंग रोकने में इन देशों की अहम भागीदारी रही है।
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'30 दिन के युद्ध विराम का हम समर्थन करते हैं'
व्लादिमीर पुतिन ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, '30 दिन के युद्ध विराम का विचार अपने आप में सही है और हम निश्चित तौर पर इसका समर्थन करते हैं। लेकिन ऐसे मुद्दे हैं जिन पर चर्चा की जरूरत है। उन्होंने युद्धविराम के संभावित उल्लंघनों को नियंत्रित करने के लिए एक तंत्र विकसित करने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा, हम लड़ाई को रोकने के प्रस्तावों से सहमत हैं लेकिन इस धारणा के साथ आगे बढ़ेंगे कि युद्धविराम से स्थायी शांति आनी चाहिए और संकट के मूल कारणों को दूर किया जाना चाहिए'।
यूक्रेन के लिए युद्धविराम क्यों जरूरी?
पुतिन का मानना है कि यूक्रेन मौजूदा युद्धक्षेत्र की स्थिति के कारण संघर्षविराम चाहता है। उन्होंने दावा किया कि यूक्रेनी सेना, जो रूस के कुर्स्क क्षेत्र में घुसी है, कुछ ही दिनों में पूरी तरह घेर ली जाएगी। उन्होंने कहा, 'इन हालात में यूक्रेन के लिए यह फायदेमंद होगा कि कम से कम 30 दिन के लिए युद्धविराम हो जाए।' हालांकि, उन्होंने सवाल उठाया कि जो सैनिक कुर्स्क में फंसे हैं, क्या वे बिना लड़े वापस जा पाएंगे?
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अन्य देशों की भूमिका पर पुतिन का बयान
व्लादिमीर पुतिन ने इस मुद्दे पर अमेरिका के साथ चर्चा की जरूरत बताई और साथ ही चीन, भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका के नेताओं को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि ये देश युद्ध रोकने और लोगों की जान बचाने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भी धन्यवाद दिया और कहा कि 'वे यूक्रेन संकट को सुलझाने में गहरी रुचि ले रहे हैं।'
नाटो देशों की शांति सेना को किया खारिज
इसके साथ ही रूस ने यह भी साफ कर दिया है कि नाटो देशों की किसी भी शांति सेना को संघर्षविराम की निगरानी के लिए स्वीकार नहीं किया जाएगा।