धार्मिक आजादी पर यूएससीआईआरएफ की रिपोर्ट हिंदूफोबिकों का काम : हिंदू संगठन
एक हिंदू संगठन ने धार्मिक स्वतंत्रता पर यूएससीआईआरएफ की रिपोर्ट को हिंदुओं के प्रति घृणा की भावना रखने वाले (हिंदूफोबिक) आयोग के सदस्यों का काम बताया। रिपोर्ट में भारत, पाक, अफगानिस्तान व 11 अन्य देशों को खास चिंता वाले देशों की सूची में डालने की सिफारिश की गई।
अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता पर अमेरिकी आयोग (यूएससीआईआरएफ) की इस रिपोर्ट की मुस्लिम व ईसाई समूहों ने इसकी टिप्पणियों की प्रशंसा करते हुए बाइडन प्रशासन से भारत को ‘खास चिंता वाला देश’ घोषित करने की मांग की। हालांकि, अमेरिकी सरकार इस सिफारिश को मानने के लिए बाध्य नहीं है।
‘वर्ल्ड हिंदू काउंसिल ऑफ अमेरिका’ की एक पहल ‘हिंदूपैक्ट’ ने एक बयान में आरोप लगाया कि यूएससीआईआरएफ पर भारत और हिंदुओं के प्रति घृणा का भाव रखने वाले सदस्यों का कब्जा हो गया है। हिंदूपैक्ट के कार्यकारी निदेशक उत्सव चक्रवर्ती ने इस रिपोर्ट की निंदा की है।
पहली विदेश यात्रा में सऊदी अरब से 3.2 अरब डॉलर मांगेंगे शरीफ
पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ अपने पहले विदेश दौरे पर सऊदी अरब जाकर 3.2 अरब डॉलर का अतिरिक्त पैकेज मांगने की तैयारी कर चुके हैं। वह बृहस्पतिवार से तीन दिनी सऊदी यात्रा पर जा रहे हैं। शरीफ यहां पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार की भरपाई करना चाह रहे हैं।
बता दें कि देश का विदेशी मुद्रा भंडार लगातार घटता जा रहा है और उसे नए कर्ज की तलाश है। इस बीच, सऊदी यात्रा पर जा रहे शहबाज शरीफ ने सऊदी से 3.2 अरब डॉलर के अतिरिक्त पैकेज की मांग करने का फैसला किया है।
इससे पाक की हालत पर सवाल उठने लगे हैं और खुद शहबाज शरीफ को लेकर चिंता जाहिर की जा रही है कि आखिर कैसे वह पाक की जनता से किए वादों को पूरा कर सकेंगे। इससे पहले इमरान खान ने सऊदी से कर्ज लिया था जिस पर विवाद भी हुआ। उस वक्त सऊदी अरब ने 4.2 अरब डॉलर की अंतिम पैकेज राशि के साथ कड़ी शर्तें रखी थीं।
बीएसएफ पर भड़कीं ममता बोलीं-सीमा से 50 किमी अंदर न आने दें
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। राज्य के आला पुलिस अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक में ममता बनर्जी ने कूचबिहार जिले के पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया कि बीएसएफ को सीमा से 50 किलोमीटर के अंदर प्रवेश नहीं करने दें।
बीएसएफ पर आरोप लगाते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि जवान गांवों घुसकर लोगों के साथ मारपीट कर रहे हैं। पशु तस्करी के नाम पर लोगों को गोली मार दी जाती है और शव को सीमा पार बांग्लादेश में फेंक दिया जाता है। बीरभूम के बोगटुई में नौ लोगों को जिंदा जलाने के मामले में उन्होंने पुलिस पर ठीकरा फोड़ते हुए कहा कि अधिकारियों की नाकामी की वजह से बंगाल की बदनामी हो रही है।
फर्नीचर उद्योग का निर्यात 7 साल में 222 फीसदी बढ़ा
भारत ने पिछले सात वर्षों में फर्नीचर के निर्यात में 222 फीसदी की बढ़त देखी है। 2021-22 में 21,934 करोड़ रुपये का फर्नीचर निर्यात किया गया। 2013-14 में यह आंकड़ा 6,644 करोड़ रुपये रहा था।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट में कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेक इन इंडिया के विजन का पूरी दुनिया में डंका बज रहा है। यह वैश्विक बाजारों में अपनी प्रतिस्पर्धा को भी साबित कर रहा है।
गोयल ने कहा कि आने वाले समय में देश का फर्नीचर निर्यात और बढ़ेगा। भारत ने इसी महीने में ऑस्ट्रेलिया के साथ आर्थिक सहयोग एवं व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए।
इसके तहत भारत के 6,000 से अधिक व्यापक क्षेत्रों को शुल्क मुक्त पहुंच मुहैया कराई जाएगी। इस समझौते को दोनों देश चार महीने में लागू करेंगे। इसमें भारत के कपड़ा, चमड़ा, फर्नीचर, गहनों और मशीनरी समेत आदि उत्पाद शामिल हैं।
टि्वटर का मालिकाना हक बदलने से भारत के रुख में बदलाव नहीं : केंद्रीय मंत्री
टि्वटर को दिग्गज कारोबारी एलन मस्क के खरीदने के बीच भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं प्रौद्योगिकी मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा, “टि्वटर का मालिकाना हक बदलने से हमारे रुख में बदलाव नहीं आएगा। देश की सुरक्षा और नियम-कानूनों में भरोसे के लिए जरूरी है, सोशल मीडिया कंपनियां अपने यूजर्स और सामग्री पर नजर रखें।”
मंत्री राजीव चंद्रशेखर के बयान पर टि्वटर के प्रवक्ता से प्रतिक्रिया मांगी गई तो उसने जवाब नहीं दिया। भारत में सोशल मीडिया प्लेटफार्म से पोस्ट हटाने और बनाने वाले की जानकारी देना जरूरी है।
रूस में ट्विटर पर 31.77 लाख का जुर्माना...
रूस की एक अदालत ने बृहस्पतिवार को ट्विटर पर 31.77 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। उसे अपने प्लेटफॉर्म से प्रतिबंधित वेबसाइट्स न हटाने का दोषी माना गया। इन वेबसाइट्स पर मोलोटोव कॉकटेल (पेट्रोल बम) बनाने जैसी जानकारियां दी गई थीं। अदालत ने यह कंटेंट हटाने को कहा था, लेकिन उसने आदेश नहीं माना।
तालिबान राज में लड़कियों के लिए पोशाक पर सख्त प्रतिबंध
तालिबान ने फिर से मार्च में स्कूल खोलने का वादा पूरा नहीं किया। बल्ख प्रांत में तालिबान के सत्ता में आने के बाद भी स्कूल खुले रहे। यहां पोशाक संबंधी सख्त प्रतिबंध लागू होने के बाद भी लड़कियों के हौसले बुलंद हैं। बल्ख क्षेत्र के एक स्कूल को कुछ दिनों के लिए सिर्फ इसलिए बंद कर दिया गया क्योंकि वहां बच्चियों ने मुंह नहीं ढके थे।
एक स्कूल में शिक्षक को उसके अनुचित कपड़ों के लिए नौकरी से निकालने का संदेश सुनाया गया। यहां दिन प्रतिदिन हिजाब को लेकर सख्ती बढ़ रही है। छात्राओं को बेल्ट की अनुमति नहीं है। सख्त पोशाक पाबंदियों का पालन नहीं करने पर शिक्षकों और बच्चों को स्कूल से निकाल दिया जाता है।