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पाकिस्तान की इन लड़कियों ने आतंक के खिलाफ उठाई आवाज, खड़ी हैं भारत के साथ

Wed, 20 Feb 2019 12:48 PM IST
अमर शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
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पाकिस्तान की महिला पत्रकार सहर मिर्जा - फोटो : Facebook
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जम्मू कश्मीर के पुलवामा में 14 फरवरी को हुए आत्मघाती आतंकी हमले में अर्धसैनिक बल सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए। पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने एक वीडियो जारी कर इस हमले की जिम्मेदारी ली। 78 वाहनों का काफिला जम्मू से श्रीनगर जा रहा था तभी लेथपोरा के पास फिदायीन ने विस्फोटकों से भरी कार को काफिले की बस से टकराकर कर विस्फोट किया था। काफिले में लगभग ढाई हजार सीआरपीएफ जवान शामिल थे, जिनमें से ज्यादातर छुट्टियां काटकर ड्यूटी पर लौट रहे थे। 
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इस हमले के बाद देशभर में आक्रोश है। हर भारतीय का मन दुखी है। और यह गुस्सा लाजिमी है। देशवासियों ने सोशल मीडिया पर अपने भावनाओं का खुलकर इजहार किया है। देश के ज्यादातर लोग पाकिस्तान से बदला लेने की बात कर रहे हैं। पाकिस्तान से भी सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। 

पाकिस्तान की एक महिला पत्रकार सहर मिर्जा ने 19 फरवरी को अपने दिल की बात की। मिर्जा ने अपने फेसबुक अकाउंट पर एक तस्वीर पोस्ट की जिसमें वो एक तख्ती लेकर खड़ी दिख रही हैं। इसमें लिखा है, "मैं एक पाकिस्तानी हूं। और मैं पुलवामा आतंकी हमले की निंदा करती हूं।" 
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इसके साथ ही सहर मिर्जा की तख्ती पर लिखा है #AntiHateChallenge और #NoToWar. मिर्जा ने तस्वीर के साथ लिखा है, "मैं देशभक्ति के लिए इंसानियत का सौदा नहीं करूंगी।" तस्वीर के कैप्शन में #WeStandWithIndia और #NoToTerrorism भी लिखा है। महिला पत्रकार सहर मिर्जा इस तस्वीर के माध्यम से यह संदेश देना चाहती हैं कि वो भारत के साथ हैं और आंतकवाद के खिलाफ हैं। 



सोशल मीडिया में हर तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। सोशल मीडिया फेसबुक पर एक अकाउंट 'अमन की आशा' है। इसमें भी सहर मिर्जा ने एक संदेश लिखा है और साथ ही कुछ तस्वीरें भी पोस्ट की हैं। इन तस्वीरों में कुछ और लड़कियां भी हाथ में तख्ती पकड़कर खड़ी दिख रही हैं। और तख्ती पर लिखा है, "मैं एक पाकिस्तानी हूं। और मैं पुलवामा आतंकी हमले की निंदा करती हूं।" 

'अमन की आशा' के फेसबुक पन्ने पर सहर मिर्जा ने अपने भावनाओं का इजहार किया है। मिर्जा लिखती हैं, "कश्मीर में हुए दर्दनाक आतंकी हमले में कई निर्दोष लोगों की जान गई, हम उससे बेहद दुखी हैं। ऐसे वक्त में हमें जरूरत है कि ज्यादा से ज्यादा लोग सामने आएं और जंग और आतंक के खिलाफ आवाज उठाएं। 
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हमने #AntiHateChallenge शुरू किया है, हम इस हमले की निंदा करते हैं। हम हमारे भारतीय दोस्तों के साथ हैं। पाकिस्तानी दोस्तों से अपील करते हैं कि जो कोई भी हमारे जैसा महसूस कर रहा है, हमारी इस मुहीम में हमारा साथ दे।" 

सहर मिर्जा ने इस पोस्ट में साहिर लुधियानवी की चंद पंक्तियां भी लिखी हैं : 

खून चाहे हमारा हो या उनका। खून तो इंसान का ही है।

जंग चाहे पूर्व में हो या पश्चिम में। ये है तो विश्व-शांति की हत्या ही।

चाहे घर में बम फोड़े जाएं या फिर सीमा पर। आत्मा तो घायल होती ही है।

जंग खुद में एक समस्या है। फिर जंग कैसे समस्या का हल करेगी?

आज ये आग और खून बरसाएगी। कल भूख और कमी लाएगी। 

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