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Proxy War: कट्टर इस्लामी समूहों को समर्थन दे रही पाकिस्तानी सेना, दक्षिण और पश्चिम एशिया में बढ़ रहा ये खतरा

Sun, 22 Feb 2026 03:23 PM IST
पवन पांडेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काबुल

सार

एक रिपोर्ट में कहा गया कि पाकिस्तान का मध्य पूर्व की ओर रुख दक्षिण एशिया और पश्चिम एशिया के पहले से ही अस्थिर क्षेत्रों में गलतफहमी, वैचारिक प्रभाव और प्रॉक्सी संघर्ष के खतरे को बढ़ा देता है। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI
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विस्तार
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पाकिस्तान की सेना हमास और मुस्लिम ब्रदरहुड जैसे कट्टर इस्लामी समूहों को अपनी गतिविधि जारी रखने के लिए समर्थन दे रही है। इसकी वजह से लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) और जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) जैसे स्थानीय आतंकी संगठनों को समर्थन मिल रहा है और वे गाजा और कश्मीर पर इस्लामिक देशों से सपोर्ट मांग रहे हैं।
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LeT और JeM को समर्थन देता रहा है पाकिस्तान
पाकिस्तान लंबे समय से लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसी अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी संगठनों को समर्थन देता रहा है। भले ही अंतरराष्ट्रीय दबाव में पाकिस्तान ने इन्हें प्रतिबंधित किया, लेकिन ये समूह अब भी सहयोगियों और सामने वाली संरचनाओं के जरिए सक्रिय हैं। पाकिस्तान जब मध्य पूर्व में अपनी सुरक्षा उपस्थिति बढ़ाता है और साथ ही इस्लामी आतंकवादी समूहों को खुले समर्थन देता है, तो यह समस्या सिर्फ दक्षिण एशिया तक सीमित नहीं रहती, बल्कि क्षेत्रीय बन जाती है।
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हमास का समर्थन कर रहे पाकिस्तान के राजनीतिक और धार्मिक प्लेटफॉर्म
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि पाकिस्तान के राजनीतिक और धार्मिक प्लेटफॉर्म हमास का समर्थन कर रहे हैं। जनवरी 2024 में पाकिस्तान की संसद ने हमास के प्रतिनिधि खालेद कद्दूमी का स्वागत किया और फरवरी 2025 में उन्होंने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू और कश्मीर में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया। रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान हमास की मेजबानी कर स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी संगठनों को पश्चिमी देशों, इस्राइल और भारत के खिलाफ एकजुट कर रहा है।
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आतंक समर्थक राष्ट्र के रूप में पाकिस्तान की छवि
अमेरिका और यूरोपीय संघ समेत कई देशों ने हमास को आतंकवादी संगठन घोषित किया है। इसके इतर पाकिस्तान में उन्हें सम्मानित अतिथि के रूप में देखना दो खतरे पैदा करता है। पहला, पाकिस्तान का घरेलू इस्लामी नेटवर्क अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद के लिए आकर्षक बन सकता है। दूसरा, दुनिया में पाकिस्तान की छवि आतंक समर्थक राष्ट्र के रूप में और मजबूत होती है। रिपोर्ट में कहा गया, 'हमास और मुस्लिम ब्रदरहुड द्वारा पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूहों को समर्थन देने को लेकर चिंता जताई गई है। पाकिस्तान में इन प्रतिबंधित इस्लामी संगठनों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी यह दर्शाती है कि लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद को व्यवस्थित और सक्रिय समर्थन प्रदान किया जा रहा है।'

इनपुट आईएएनएस
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