श्रीलंका जैसे हालात अब सूरीनाम में बन गए हैं। यहां भी बढ़ती महंगाई, पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार हो रहे इजाफा से लोग भड़क गए हैं। हजारों की संख्या में लोग अब सड़कों पर उतरने लगे हैं। शुक्रवार को भीड़ ने सूरीनाम की संसद पर भी हमला कर दिया। लोगों ने पुलिस पर पत्थर और आग के गोले बरसाए। इसके बाद संसद के अंदर दाखिल हो गए। इस बीच, पुलिस ने भी लोगों पर आंसू गैस के गोले दागे। आइए जानते हैं आखिर सूरीनाम की ये हालत कैसे हुई? अब तक क्या-क्या हुआ?
सूरीनाम में क्यों सड़कों पर उतरे लोग?
दरअसल, सूरीनाम में लोग इन दिनों एक साथ कई मुसीबतों को झेल रहे हैं। यहां भी ठीक वही हालत हो गई है जैसे श्रीलंका में कुछ दिनों पहले थी। महंगाई तेजी से बढ़ रही है। बेरोजगारी से लोग परेशान हैं। पेट्रोल-डीजल के दाम सातवें आसमान पर पहुंच गया है। यहां कॉस्ट ऑफ लिविंग भारत के मुकाबले 118 प्रतिशत से ज्यादा है। चार लोगों पर एक महीने के अंदर सिर्फ खाने पर ही 2.10 लाख से ज्यादा खर्च करने पड़ते हैं। लगातार बढ़ती महंगाई ने लोगों की कमर तोड़ रखी है। यही कारण है कि अब लोग सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने लगे हैं।
अब तक क्या-क्या हुआ?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शुक्रवार को बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी सूरीनाम की सड़कों पर उतर आए। इनमें से कई लोग संसद की तरफ बढ़ गए। पुलिस ने लोगों को रोका तो भीड़ अराजक हो गई। भीड़ ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। बोतलें फेंकी गईं। भीड़ संसद के अंदर घुस गई। हालात काबू करने के लिए पुलिस को भी एक्शन लेना पड़ा। पुलिस ने उपद्रव कर रहे लोगों पर आंसू गैस के गोले छोड़े। कुछ अन्य इलाकों में भीड़ ने कई दुकानों, गाड़ियों में आग लगा दी। दुकानों से लूटपाट की खबरें भी सामने आईं हैं।
सरकार का क्या कहना है?
सूरीनाम के राष्ट्रपति चैन संतोखी की सरकार ने संसद पर हुए हमने की निंदा की है। उन्होंने मामले में संसद पर हमला करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए टास्क फोर्स के गठन की बात कही। राष्ट्रपति ने कहा, 'उन लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिन्होंने इन हमलों को अंजाम दिया और तबाही मचाई।'