Bangladesh: बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने सुरक्षा अधिकारियों को धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए विशेष कदम उठाने का निर्देश दिया, ताकि देश की अंतरराष्ट्रीय छवि को नुकसान न हो। उन्होंने पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को एक कमांड सेंटर स्थापित करने और आधुनिक संचार उपकरणों का उपयोग करने का आदेश दिया।
बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने सोमवार को सुरक्षा अधिकारियों को आदेश दिया कि वे धार्मिक अल्पसंख्यकों की रक्षा के लिए विशेष कदम उठाएं। उन्होंने कहा कि अगर धार्मिक अल्पसंख्यकों पर हमले होते हैं, तो बांग्लादेश की अंतरराष्ट्रीय छवि को बहुत नुकसान होगा। यह आदेश उन्होंने एक उच्च स्तरीय बैठक में दिया। बैठक में सुरक्षा अधिकारियों के साथ कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की गई। बांग्लादेशी अखबार 'द डेली स्टार' की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।
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उन्होंने पुलिस और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को देश में कानून व्यवस्था की स्थिति की निगरानी के लिए एक कमांड सेंटर बनाने का निर्देश दिया। मुख्य सलाहकार ने वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों से कहा, हमें एक कमांड सेंटर या एक कमांड मुख्यालय बनाना होगा, जो सभी पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित करेगा।
यूनुस ने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों को आधुनिक संचार उपकरणों का अधिक से अधिक उपयोग सुनिश्चित करना चाहिए, ताकि वे किसी भी स्थिति में दखल दे सकें। उन्होंने कहा, अगर हम अपने धार्मिक अल्पसंख्यकों की रक्षा नहीं कर सके, तो हमारी वैश्विक छवि को बहुत नुकसान होगा। हमें इस संबंध में बहुत पारदर्शी होना चाहिए।
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उन्होंने सुरक्षा प्रमुखों को आदेश दिया कि वे प्रत्येक नागरिक के अधिकारों की रक्षा करने और धार्मिक या जातीय अल्पसंख्यकों पर हमलों को रोकने के लिए विशेष उपाय करें। पिछले साल शेख हसीना की सरकार के पतन के बाद बांग्लादेश में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की घटनाएं बढ़ीं। मंदिर पर भी हमले बढ़े हैं।
इस उच्च स्तरीय बैठक में बांग्लादेश के गृह सलाहकार जहांगीर आलम चौधरी, मुख्य सलाहकार के विशेष सहायक खुदा बख्स चौधरी, गृह सचिव नसीमुल गनी, पुलिस, बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश, रैपिड एक्शन बटालियन, ढाका मेट्रोपोलिटन पुलिस, तटरक्षक बल और विशेष शाखा के प्रमुख शामिल हुए।