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अमेरिकी कांग्रेस में सिखों के योगदान संबंधी प्रस्ताव पेश

Fri, 09 Aug 2019 02:47 AM IST
Avdhesh Kumar एजेंसी, वाशिंगटन

सार

  • गुरुद्वारा गोलीकांड की 7वीं वर्षगांठ पर घृणा अपराध के विरुद्ध संकल्प
  • प्रतिनिधि सभा में पेश हुए संकल्प पर गर्व
  • प्रस्ताव में कहा गया है कि वह अमेरिका और दुनिया भर में सिखों से हुए भेदभाव को मानता है
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विस्तार
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अमेरिका के छह सांसदों के एक द्विदलीय समूह ने देश में सिख अमेरिकियों के योगदान को पहचानते हुए अमेरिकी संसद ‘कांग्रेस’ में बुधवार को एक प्रस्ताव पेश किया। प्रस्ताव में कहा गया है सिख अमेरिकियों ने अपने धर्म और सेवा से सभी लोगों के बीच सम्मान हासिल कर अपनी अलग पहचान बनाई है। प्रस्ताव में कहा गया है कि वह अमेरिका और दुनिया भर में सिखों से हुए भेदभाव को मानता है। 
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इस प्रस्ताव में कहा गया है कि सिख पुरुषों और महिलाओं ने 18वीं सदी में अपने आगमन से लेकर अब तक अमेरिकी समाज में काफी योगदान दिया है। प्रस्ताव में कहा गया है कि उन्होंने विभिन्न पेशेवर व्यवसायों को चुना जिससे अमेरिका सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक रूप से समृद्ध हुआ और वहां विविधता आई। उन्होंने कृषि, सूचना प्रौद्योगिकी, लघु उद्योगों, हॉस्पिटैलिटी उद्योग, औषधि और तकनीक में हमारे महान राष्ट्र में अहम योगदान दिया। अमेरिका में तकरीबन 500,000 सिख रह रहे हैं और इनमें से आधी आबादी कैलिफोर्निया में रहती है।

प्रतिनिधि सभा में पेश हुए संकल्प पर गर्व

अमेरिकी सिख कांग्रेस कॉकस के चेयरमैन और कांग्रेस सदस्य टीजे कॉक्स ने कहा, मुझे गर्व है कि अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में पहली बार यह संकल्प पेश हुआ है जिसमें कहा गया है कि सिख अमेरिकियों ने हमारे देश व संस्कृति में योगदान देते हुए इसे सम्मान दिया है। कॉक्स के अलावा यह संकल्प सांसद जॉन गारामेंडी, हेली स्टीवंस, टेड योहो और जो लोफग्रेन द्वारा सह-प्रायोजित रहा।
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गुरुद्वारा गोलीकांड की 7वीं वर्षगांठ पर घृणा अपराध के विरुद्ध संकल्प

अमेरिका में ओक क्रीक गुरुद्वारा पर 2012 में हुई गोलीबारी में छह की मौत के बाद घटना की सातवीं वर्षगांठ पर छह से अधिक सांसदों ने बंदूक नियंत्रण कानूनों और गोलीकांड जांच की वकालत जारी रखने का संकल्प लिया। अल पासो, टेक्सास, डेटन, ओहायो, गिलरॉय, कैलिफोर्निया में हाल ही में गोलीबारी के बाद अमेरिका में कई संगठन सख्त बंदूक नियंत्रण कानूनों की मांग कर रहे हैं। 

भारतवंशी सांसद रो खन्ना ने ऐसी घटनाओं की निंदा की जबकि सांसद प्रमिला जयपाल ने कहा कि राष्ट्रपति के खतरनाक नस्ली बयानों से हमारे समुदाय के खिलाफ घृणा व हिंसा फैल रही है। बंदूक सुधार न होने के बुरे प्रभाव दिखाई दे रहे हैं।
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