प्रस्ताव में चार महान सिखों का जिक्र
अमेरिकी सीनेटर ने अपने प्रस्ताव में चार महान सिखों के अमेरिका में योगदान का जिक्र भी किया। इनमें पहले एशियाई-अमेरिकी सांसद सिख दलीप सिंह सौंद हैं, जिन्हें 1957 में चुना गया था। फाइबर ऑप्टिक्स के आविष्कारक डॉ. नरिंदर कपानी, अमेरिका में आड़ू के सबसे बड़े उत्पादक दीनार सिंह बैंस और प्रतिष्ठित ‘रोजा पार्क्स ट्रेलब्लेजर’ पुरस्कार विजेता गुरिंदर सिंह खालसा शामिल हैं। विश्व युद्धों के दौरान अमेरिका को अपनी सेवा देने वाले भगत सिंह थिंद की भी प्रस्ताव में सराहना की गई है।
कॉक्स ने भी पेश किया प्रस्ताव
अमेरिकी संसद में एक अन्य प्रस्ताव सांसद टी. जे. कॉक्स द्वारा पेश किया गया जिसके 67 अन्य सह प्रस्तावक थे। इसमें भी अमेरिका में सिख समुदाय के लोगों के योगदान को सराहा गया। इंडियाना निवासी खालसा ने कहा, ‘यह अमेरिका में सिखों के लिए महान दिन है कि समुदाय के योगदान को रेखांकित करने वाले प्रस्ताव हाउस और सीनेट में पेश किए गए।’
ड्यूटी पर मारे गए धालीवाल के सम्मान में भी प्रस्ताव पेश
सितंबर में टेक्सास में यातायात ड्यूटी के दौरान मारे गए भारतीय-अमेरिकी पुलिस अधिकारी संदीप सिंह धालीवाल की हत्या पर अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में एक कांग्रेसनल प्रस्ताव पेश किया गया है। प्रस्ताव में धालीवाल के दुखद निधन पर शोक जताते हुए उन्हें निस्वार्थ नायक के रूप में सम्मान दिया गया। उनके उल्लेखनीय योगदान को सराहा गया। महिला सांसद लिज्जे फ्लेचर ने प्रस्ताव पेश करते हुए कहा, धालीवाल ने बिना किसी बाधा के अपने पगड़ी, कड़ा, और केश समेत सिख निशानियों को बनाए रखते हुए भरोसे के साथ देश की सेवा की। इस प्रस्ताव को 15 अन्य कांग्रेस सदस्यों (सांसदों) ने स्पांसर किया।