एक अमेरिकी सांसद ने संसद में प्रस्ताव पेश कर पाकिस्तान और कश्मीर में सक्रिय अमेरिकी एनजीओ की गतिविधियों की जांच की मांग की है, जिसमें लश्कर-ए-तैयबा के घटकों के साथ उनका कथित सहयोग शामिल है। लश्कर ने ही मुंबई हमले को अंजाम दिया था। इसमें अमेरिकी नागरिकों सहित करीब 166 लोगों की जान गई थी। नौ आतंकवादी ढेर हो गए थे और जिंदा पकड़े गए एक अन्य आतंकवादी अजमल कसाब को फांसी दे दी गई थी।
इंडियाना से रिपब्लिकन सांसद जिम बैंक्स की ओर पेश ‘हाउस रेजूलशन’ (संख्या 160) में दक्षिण एशिया में विशेष रूप से पाकिस्तान और बांग्लादेश में सक्रिय धार्मिक समूहों की ओर से लोकतंत्र, मानवाधिकारों के सामने पेश किए जा रहे खतरों पर चिंता व्यक्त की गई। प्रस्ताव को आवश्यक कार्रवाई के लिए सदन की विदेश मामलों की समिति के पास भेज दिया गया है। बृहस्पतिवार को पेश इस प्रस्ताव का अब तक किसी अन्य ने समर्थन नहीं किया है।
राहत व विकास के लिए मदद करने वाले एनजीओ ‘हेल्पिंग हैंड फॉर रिलीफ एंड डेवलपमेंट’ ने 2017 में खुले तौर पर पाकिस्तान के ‘फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन’ को समर्थन दिया था, जिसे अमेरिकी सरकार ने 2016 में आतंकवादी संगठन घोषित किया था। यह एनजीओ अमेरिका में एक धर्मार्थ संगठन के तौर पर पंजीकृत है।