स्विट्जरलैंड के लूसर्न में अमेरिका और ईरान के बीच हुई शांति वार्ता के बाद अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि दोनों देशों के बीच बातचीत में पिछले कुछ दिनों के दौरान महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में दोनों पक्ष मिलकर क्षेत्र में शांति और समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए काम कर सकते हैं।
'पश्चिम एशिया में स्थायी शांति का प्रयास कर रहा ट्रंप प्रशासन'
वार्ता के बाद मीडिया से बात करते हुए जेडी वेंस ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में प्रशासन पश्चिम एशिया में स्थायी शांति स्थापित करने के लिए गंभीर प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि बातचीत के दौरान कई मुद्दों पर सकारात्मक प्रगति देखने को मिली है और इससे दोनों देशों के संबंधों में सुधार की संभावना बढ़ी है। यह बैठक अमेरिका और ईरान के बीच एक सप्ताह पहले हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) के बाद पहली औपचारिक वार्ता थी। इस समझौते का उद्देश्य क्षेत्रीय तनाव कम करना, होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से सामान्य संचालन के लिए खोलना और व्यापक सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर बातचीत को आगे बढ़ाना है।
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ट्रंप प्रशासन युद्धविराम सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध- वेंस
जेडी वेंस ने कहा कि ट्रंप प्रशासन पूरे क्षेत्र में व्यापक युद्धविराम सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विशेष रूप से लेबनान में लागू संघर्षविराम का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले कुछ दिनों में इसे बनाए रखने की दिशा में अच्छी प्रगति हुई है। हालांकि उन्होंने माना कि ऐसे समझौतों को लागू करना हमेशा आसान नहीं होता और इसमें कई तरह की चुनौतियां आती हैं। वेंस ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिकी वार्ताकारों को कूटनीतिक समाधान तलाशने के लिए पूरा समर्थन दिया है। उनका मानना है कि बातचीत और समझौते के जरिए क्षेत्र में लंबे समय से चले आ रहे विवादों का समाधान निकाला जा सकता है।
होर्मुज खुला और ईरान का परमाणु खत्म किया गया- वेंस
अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने कहा कि वह सबसे पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का धन्यवाद करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि ट्रंप ने उन्हें और उनकी टीम को उन कई महत्वपूर्ण मुद्दों का कूटनीतिक समाधान खोजने का अधिकार दिया है, जो सिर्फ अमेरिका ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए अहम हैं। वेंस ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को समाप्त करने जैसे महत्वपूर्ण लक्ष्य पहले ही हासिल किए जा चुके हैं। अब सवाल यह है कि अमेरिका और ईरान मिलकर आगे और क्या हासिल कर सकते हैं और क्या दोनों देश अपने रिश्तों में एक नई शुरुआत कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आज जो स्थिति बनी है, उसका श्रेय राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व और उनकी दूरदृष्टि को जाता है। ट्रंप एक ऐसा पश्चिम एशिया देखना चाहते हैं, जो 10 साल पहले के मुकाबले 10 साल बाद कहीं अधिक शांतिपूर्ण और स्थिर हो।
वार्ता का उद्देश्य बहुत सरल है- जेडी वेंस
वेंस ने कहा कि इस वार्ता का उद्देश्य बहुत सरल है। कूटनीति और आपसी सहयोग के जरिए पश्चिम एशिया को बदलना, जहां ईरान और खाड़ी देशों के बीच लंबे समय से तनाव और टकराव रहा है। अब एक ऐसा भविष्य दिखाई दे रहा है, जहां सभी देश मिलकर शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए काम कर सकते हैं। उन्होंने इस बैठक को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि केवल कुछ घंटों की बातचीत में ही काफी प्रगति हुई है और उन्हें उम्मीद है कि आने वाले घंटों में और भी सकारात्मक नतीजे सामने आएंगे।
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'पश्चिम एशिया के सामने नई शुरुआत या पुराने रास्ते पर लौटने का विकल्प'
जेडी वेंस ने कहा कि अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या पश्चिम एशिया एक नई शुरुआत कर सकता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका की प्राथमिकता क्षेत्र में स्थायी शांति और सहयोग को बढ़ावा देना है, लेकिन पुराने तनाव और संघर्षों की वापसी की संभावना को भी पूरी तरह नकारा नहीं जा सकता। वार्ता में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल और ईरान के वरिष्ठ अधिकारी तेहरान के परमाणु कार्यक्रम, ईरान में युद्ध समाप्त करने के लिए हुए अंतरिम समझौते को मजबूत बनाने तथा होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं। वेंस ने संकेत दिया कि यह बैठक पश्चिम एशिया के भविष्य को तय करने वाली महत्वपूर्ण वार्ताओं में से एक हो सकती है। दोनों पक्षों के बीच बातचीत का उद्देश्य क्षेत्रीय तनाव कम करना और लंबे समय से चले आ रहे विवादों का कूटनीतिक समाधान खोजना है।